रेक्टम में फंसी अजीबोगरीब चीजों का खुलासा, डॉक्टरों के अनुभव कर देंगे हैरान

Strange objects removed from the rectum: इंग्लैंड के अस्पतालों में रेक्टम में फंसी अजीबोगरीब चीजों के कई मामले सामने आए। जानिए लेगो ब्रिक्स, बीयर की बोतल, रेजर ब्लेड और पेचकस तक की हैरान करने वाली लिस्ट।

रेक्टम में क्या-क्या फंसा मिला? डॉक्टरों की लिस्ट ने सबको चौंकाया

HIGHLIGHTS

  • बीयर की बोतल से पेचकस तक, डॉक्टरों ने क्या-क्या निकाला!
  • लेगो ब्रिक्स, रिमोट और चाकू, मरीजों से निकला अजीब सामान
  • रेक्टम में फंसी अजीबोगरीब चीजें, डॉक्टरों की लिस्ट चौंकाएगी
  • कहीं बीयर की बोतल, कहीं पेचकस, अस्पतालों में हड़कंप

Strange objects removed from the rectum: इंग्लैंड के अस्पतालों से सामने आए कुछ मेडिकल मामले हैरान करने वाले हैं। यहां डॉक्टरों को मरीजों के रेक्टम (Rectum) यानी मलाशय में फंसी ऐसी-ऐसी चीजें निकालनी पड़ीं, जिनकी कल्पना करना भी मुश्किल है। इन वस्तुओं में लेगो ब्रिक्स, बीयर की बोतल, टीवी का रिमोट, शैंपू की बोतल, उबला हुआ अंडा और पेचकस जैसी चीजें शामिल हैं। कुछ मामलों में डॉक्टरों के सामने रेजर ब्लेड, धातु के पेंच और चाकू जैसी खतरनाक वस्तुएं निकालने की चुनौती भी आई।

इन मामलों का खुलासा प्रेस एसोसिएशन (PA) की एक रिपोर्ट में हुआ है। एजेंसी ने इंग्लैंड के 100 से अधिक अस्पताल ट्रस्टों को फ्रीडम ऑफ इंफॉर्मेशन (FOI) के तहत अनुरोध भेजकर वर्ष 2022 के बाद सामने आए मामलों की जानकारी मांगी थी। रिपोर्ट में रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं से लेकर नुकीले औजारों तक की लंबी सूची सामने आई, जिन्हें निकालने के लिए मरीजों को अस्पताल पहुंचना पड़ा।

रेक्टम में फंसी चीजों की लिस्ट में क्या-क्या शामिल?

रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण लंदन के लेविशम और ग्रीनविच क्षेत्र के अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ को कई असामान्य मामलों का सामना करना पड़ा। यहां गुब्बारों में भरी लेगो ब्रिक्स, बीयर की बोतलें, शैंपू की बोतलें, टूथब्रश और दरवाजे के हैंडल जैसी वस्तुएं निकालने के मामले दर्ज किए गए।

वहीं, बर्कशायर के अस्पतालों में भी ऐसी कई घटनाएं सामने आईं। यहां डॉक्टरों को नर्फ बुलेट, उबला हुआ अंडा, कोल्ड ड्रिंक का कैन, आलू, डिओडोरेंट की बोतल और टॉयलेट ब्रश का हैंडल तक निकालना पड़ा।

खाने-पीने की चीजों की बात करें तो इस सूची में खीरा, तोरी, अंगूर और सेब जैसी वस्तुएं भी शामिल थीं। इसके अलावा टीवी का रिमोट, बच्चों के खिलौने, कॉकटेल स्टिरर और बैंक कार्ड जैसी चीजें भी मरीजों के रेक्टम में फंसी मिलीं।

पेचकस, रेजर ब्लेड और चाकू जैसी खतरनाक चीजें भी शामिल

इन मामलों में सबसे ज्यादा चिंता उन वस्तुओं को लेकर है, जिनसे शरीर के अंदर गंभीर चोट लग सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टरों को धातु के पेंच, चिमटी, रेजर ब्लेड, बुनाई की सलाई, चाकू, पेपर क्लिप और पेचकस जैसी वस्तुएं निकालनी पड़ीं। इनके अलावा स्नो ग्लोब, पेड़ की टहनी, मोमबत्ती, किंडर एग, पार्सनिप और वॉलपेपर खुरचने वाले औजार जैसी चीजें भी सामने आईं।

विशेषज्ञों के लिहाज से ऐसे मामलों में वस्तु का आकार, उसकी बनावट और नुकीले किनारे महत्वपूर्ण होते हैं। किसी वस्तु को जबरन बाहर निकालने की कोशिश करने से मलाशय या आंत में चोट लग सकती है। नुकीली वस्तुओं से रक्तस्राव और आंत में छेद होने जैसी गंभीर जटिलताओं का जोखिम भी हो सकता है।

एक साल में 1500 से ज्यादा मरीज पहुंचे इमरजेंसी विभाग

प्रेस एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 में ही रेक्टम में फंसी वस्तुओं को निकलवाने के लिए 1,500 से अधिक लोग इमरजेंसी विभाग पहुंचे थे। यह आंकड़ा बताता है कि ऐसे मामले अस्पतालों के लिए असामान्य होने के बावजूद एक महत्वपूर्ण मेडिकल चुनौती हैं।

हालांकि, इन आंकड़ों से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सभी मामलों में एक जैसी परिस्थितियां थीं या हर मरीज को सर्जरी की जरूरत पड़ी। इलाज का तरीका इस बात पर निर्भर करता है कि वस्तु किस प्रकार की है, वह कितनी अंदर फंसी है और उससे किसी तरह की चोट लगी है या नहीं।

उत्तर-पश्चिम लंदन के नॉर्थविक पार्क अस्पताल के कंसल्टेंट क्रिस नॉर्डस्ट्रॉम ने कहा कि ऐसे मरीजों का इलाज करते समय उनकी सुरक्षा, संवेदनशीलता और बिना किसी पूर्वाग्रह के चिकित्सा सहायता देना प्राथमिकता होती है।

ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए?

डॉक्टरों की सलाह है कि यदि किसी व्यक्ति के रेक्टम में कोई बाहरी वस्तु फंस जाए, तो शर्म या डर के कारण इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए। समय पर मेडिकल सहायता मिलने से संभावित चोटों और दूसरी जटिलताओं का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है।

ऐसी स्थिति में घर पर किसी औजार, चिमटी या दूसरी वस्तु की मदद से चीज निकालने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इससे वस्तु और अंदर जा सकती है या आसपास के ऊतकों को नुकसान पहुंच सकता है। यदि तेज दर्द, खून निकलने, पेट में सूजन, बुखार या उल्टी जैसे लक्षण हों, तो तत्काल आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

डॉक्टरों के लिए संवेदनशीलता भी इलाज का अहम हिस्सा

रेक्टम में बाहरी वस्तु फंसने के मामले केवल मेडिकल प्रक्रिया तक सीमित नहीं होते। कई मरीज शर्मिंदगी या सामाजिक प्रतिक्रिया के डर से अपनी परेशानी बताने में हिचकिचाते हैं। ऐसे में डॉक्टरों का संवेदनशील और निष्पक्ष रवैया मरीज को सही जानकारी देने तथा समय पर इलाज कराने में मदद करता है।

इंग्लैंड के अस्पतालों से सामने आई यह रिपोर्ट दिखाती है कि आपातकालीन चिकित्सा विभागों में डॉक्टरों को कभी-कभी बेहद असामान्य परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। लेगो ब्रिक्स और बीयर की बोतलों से लेकर पेचकस तथा रेजर ब्लेड तक की वस्तुओं का सामने आना चौंकाने वाला जरूर है, लेकिन ऐसी स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण बात मरीज की सुरक्षा और बिना देरी के उचित इलाज सुनिश्चित करना है।

Sandhya Samay News

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