Nagpur MLC Election Result 2026:कांग्रेस नेता अभिजीत वंजारी की लगातार दूसरी जीत,जानिए

Nagpur MLC Election Result 2026: नागपुर MLC चुनाव 2026 में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। जानिए कितने वोट मिले, राजनीतिक सफर, शिक्षा और सामाजिक कार्यों की पूरी जानकारी।

नागपुर MLC चुनाव में अभिजीत वंजारी की लगातार दूसरी जीत

HIGHLIGHTS

  • भाजपा के गढ़ में कांग्रेस का फिर चला जादू
  • अभिजीत वंजारी ने कैसे पलटा नागपुर MLC चुनाव?
  • नागपुर MLC चुनाव में भाजपा को बड़ा झटका
  • नागपुर में कांग्रेस की जीत, भाजपा क्यों पिछड़ी?

Nagpur MLC Election Result 2026: महाराष्ट्र की राजनीति में कांग्रेस नेता अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने एक बार फिर अपनी ताकत साबित की है। नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उन्होंने विधान परिषद चुनाव में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर कांग्रेस का कब्जा बरकरार रखा। इस बार मुकाबला भाजपा के उम्मीदवार सुधाकर कोहले के साथ था। लंबी मतगणना और कड़े मुकाबले के बाद वंजारी को विजेता घोषित किया गया। इस जीत को नागपुर में कांग्रेस के लिए अहम राजनीतिक सफलता माना जा रहा है।

अभिजीत वंजारी पेशे से अधिवक्ता और शिक्षाविद् हैं। छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले वंजारी लंबे समय से कांग्रेस संगठन से जुड़े हुए हैं। वर्ष 2020 में उन्होंने महाविकास आघाड़ी (MVA) के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। अब दूसरी बार जीत दर्ज करके उन्होंने इस निर्वाचन क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखी है।

नागपुर एमएलसी चुनाव में अभिजीत वंजारी को कितने वोट मिले?

नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी को कुल 67,231 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले को 63,960 वोट हासिल हुए। इस तरह वंजारी ने 3,271 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।

23 अक्टूबर 2026 को मतदान हुआ था, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को शुरू हुई और अंतिम परिणाम घोषित होने तक प्रक्रिया 40 घंटे से अधिक समय तक चली। पहली पसंद के मतों की गिनती में भाजपा उम्मीदवार ने बढ़त बनाई थी, लेकिन जीत के लिए जरूरी मतों का निर्धारित कोटा किसी भी उम्मीदवार को नहीं मिला। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया के अनुसार दूसरी पसंद के मतों की गिनती की गई। अंतिम गणना में अभिजीत वंजारी आगे निकल गए।

यह परिणाम इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लंबे समय तक भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। वर्ष 2020 में वंजारी ने यहां जीत दर्ज कर भाजपा के वर्चस्व को चुनौती दी थी। अब लगातार दूसरी जीत के साथ कांग्रेस ने इस सीट पर अपनी स्थिति मजबूत की है।

कौन हैं अभिजीत गोविंदराव वंजारी?

अभिजीत गोविंदराव वंजारी महाराष्ट्र के नागपुर से जुड़े कांग्रेस नेता, अधिवक्ता और शिक्षाविद् हैं। उनका संबंध ऐसे परिवार से है, जिसकी क्षेत्रीय राजनीति में लंबे समय से सक्रिय भूमिका रही है। उनके पिता स्वर्गीय गोविंदराव मारोतराव वंजारी दक्षिण नागपुर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके थे।

अभिजीत वंजारी ने अपनी उच्च शिक्षा राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय से पूरी की। उन्होंने कला स्नातक (BA) और विधि स्नातक (LLB) की पढ़ाई की है। शिक्षा से जुड़े संस्थानों में उनकी सक्रियता और राजनीतिक संगठन में लंबे अनुभव ने उन्हें नागपुर के राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में पहचान दिलाई।

वह नागपुर विश्वविद्यालय की सीनेट और प्रबंधन परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं। शिक्षा, संगठनात्मक कार्य और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहने के कारण उनकी पहचान केवल एक राजनीतिक नेता तक सीमित नहीं है।

छात्र राजनीति से शुरू हुआ अभिजीत वंजारी का राजनीतिक सफर

अभिजीत वंजारी की राजनीति में शुरुआत छात्र संगठन NSUI से हुई। वह वर्ष 1998 से 2002 तक महाराष्ट्र प्रदेश नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया के महासचिव रहे। इस दौरान उन्होंने छात्र राजनीति और संगठनात्मक गतिविधियों में काम किया।

इसके बाद उन्हें महाराष्ट्र प्रदेश युवा कांग्रेस में सचिव की जिम्मेदारी मिली। आगे चलकर उन्होंने नागपुर जिला कांग्रेस कमेटी में महासचिव और मुख्य प्रवक्ता के रूप में भी काम किया। पार्टी के भीतर संगठन मजबूत करने के साथ-साथ उन्होंने विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की चुनावी गतिविधियों में भाग लिया। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में वह चुनाव पर्यवेक्षक के तौर पर भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

उनका राजनीतिक सफर केवल विधान परिषद चुनाव तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने विधानसभा चुनावों में भी अपनी किस्मत आजमाई थी। वर्ष 2005 में दक्षिण नागपुर विधानसभा उपचुनाव और 2014 में पूर्व नागपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों बार उन्हें जीत नहीं मिल सकी। इसके बावजूद उन्होंने पार्टी संगठन में अपनी सक्रियता बनाए रखी। बाद में नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से मिली सफलता ने उन्हें महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पहचान दिलाई।

2020 की जीत से 2026 तक कैसे मजबूत हुई राजनीतिक पकड़?

दिसंबर 2020 में हुए नागपुर स्नातक विधान परिषद चुनाव में अभिजीत वंजारी ने महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में उन्हें 61,701 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार संदीप जोशी को 42,791 वोट प्राप्त हुए थे। इस तरह वंजारी ने 18,910 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी।

उस समय नागपुर में भाजपा की मजबूत राजनीतिक स्थिति को देखते हुए यह परिणाम काफी अहम माना गया था। वर्ष 2026 के चुनाव में मुकाबला पहले की तुलना में अधिक करीबी रहा। भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले ने पहली पसंद के मतों की गिनती में बढ़त हासिल की, लेकिन दूसरी पसंद के मतों की गणना के बाद वंजारी ने जीत दर्ज कर ली।

लगातार दूसरी बार मिली सफलता ने नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस की मौजूदगी को मजबूत किया है। साथ ही, यह परिणाम भाजपा के लिए भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

शिक्षा और सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं अभिजीत वंजारी

राजनीति के अलावा अभिजीत वंजारी शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। वह नागपुर के अमर सेवा मंडल शिक्षण संस्था के सचिव हैं। यह संस्था विदर्भ क्षेत्र में इंजीनियरिंग, फार्मेसी, कानून, मैनेजमेंट तथा कला-विज्ञान जैसे विषयों से संबंधित शिक्षण संस्थान संचालित करती है।

इसके अतिरिक्त वह गोविंद अर्बन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के अध्यक्ष भी हैं। सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में गोविंदराव वंजारी फाउंडेशन के माध्यम से स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान अभियान, पौधरोपण और युवा विकास से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाती हैं।

शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उनकी भागीदारी उनके सार्वजनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। राजनीतिक संगठन के अनुभव के साथ इन गतिविधियों ने भी उन्हें क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने में मदद की है।

नागपुर एमएलसी चुनाव में जीत कांग्रेस के लिए क्यों अहम है?

नागपुर को महाराष्ट्र की राजनीति में भाजपा के प्रभाव वाले प्रमुख क्षेत्रों में गिना जाता है। ऐसे में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस की लगातार दूसरी जीत राजनीतिक दृष्टि से अहम है। वर्ष 2020 में मिली सफलता के बाद 2026 में सीट बरकरार रखना पार्टी के लिए राहत की बात है।

अभिजीत वंजारी की जीत यह भी दिखाती है कि विधान परिषद के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी मुकाबला केवल पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों पर निर्भर नहीं रहता। पहली पसंद के मतों में पीछे रहने के बावजूद दूसरी पसंद के मतों की गणना के बाद उनकी जीत तय हुई।

कुल मिलाकर, नागपुर MLC चुनाव 2026 में अभिजीत वंजारी की जीत कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। छात्र राजनीति से शुरुआत कर संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाने और विधान परिषद में लगातार दूसरी बार पहुंचने तक का उनका सफर उनके राजनीतिक करियर का अहम पड़ाव है। अब उनके सामने स्नातक मतदाताओं की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को विधान परिषद में प्रभावी ढंग से उठाने की चुनौती होगी।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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