दिल्ली: 20 वर्षीय सरकारी कर्मचारी की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

Delhi News: पुलिस को एक PCR कॉल मिली, जिसमें आत्महत्या की आशंका जताई गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती का कमरा अंदर से बंद पाया। कमरे का ताला तोड़ने के लिए फायर सर्विस की टीम को बुलाया गया। ताला तोड़ने के बाद अंदर का नजारा सनसनीखेज था।

दिल्ली के न्यू अशोक नगर में सरकारी कर्मचारी की संदिग्ध मौत, हत्या की गुहार लगा रहा परिवार

HIGHLIGHTS

  • LBS अस्पताल के बाहर परिजनों का रो-रोकर बवाल
  • बंद कमरे में फंदे से लटकी मिली युवती
  • न कोई सुसाइड नोट न कोई संकेत
  • अस्त-व्यस्त कपड़ों ने बढ़ाई दिल्ली में साजिश की आशंका
  • दिल्ली में युवती की मौत के बाद आरोपी की दबंगई

Delhi News: दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में एक 20 वर्षीय सरकारी कर्मचारी युवती की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। युवती का शव उसके कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। हालांकि, पुलिस इसे आत्महत्या मानकर जांच कर रही है, लेकिन मृतका के परिजनों ने पुलिस की इस थ्योरी को पूरी तरह खारिज कर दिया है। परिजनों का कहना है कि युवती के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर फंदे से लटकाया गया है।

कैसे हुआ पूरा मामला?

मामले की जानकारी तब लगी जब पुलिस को एक PCR कॉल मिली, जिसमें आत्महत्या की आशंका जताई गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती का कमरा अंदर से बंद पाया। कमरे का ताला तोड़ने के लिए फायर सर्विस की टीम को बुलाया गया। ताला तोड़ने के बाद अंदर का नजारा सनसनीखेज था। पुलिस ने पूरे घटनास्थल को सील कर लिया और छानबीन शुरू की, लेकिन वहां से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हो सका। वहीं, मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए शव को LBS अस्पताल भेज दिया गया है, जहां उसका पोस्टमार्टम किया गया है। पुलिस ने कमरे की फॉरेंसिक जांच भी शुरू करा दी है।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

एलबीएस अस्पताल के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने न्याय की गुहार लगाई है। मृतका की बहन ने पुलिस पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मेरी बहन को मारकर फंदे से लटकाया गया है। घटनास्थल पर उसके कपड़े बुरी तरह अस्त-व्यस्त थे, जो साफ तौर पर संघर्ष की ओर इशारा करते हैं।

परिवार का आरोप है कि आरोपी अपनी दबंगई के दम पर उन्हें धमका रहा है। बहन ने आरोपी के हवाले से कहा कि वह हमें धमका रहा है कि हम गरीब हैं और उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे। इसके अलावा, परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने उन्हें शव को ठीक से देखने नहीं दिया।

पुलिस का क्या है कहना?

बता दें कि इस पूरे मामले पर पुलिस का रुख अभी सतर्क नजर आ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी भी तरह की गड़बड़ी या साजिश के संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, परिवार के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए जांच जारी है।

वर्तमान में पुलिस ने मामले को आत्महत्या के तहत धारा 174 CrPC में दर्ज किया है। लेकिन परिजनों द्वारा लगाए गए दुष्कर्म और हत्या के आरोपों की पुष्टि अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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