ऋषि तिवारी
नोएडा। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर महिला उन्नति संस्था की जिला गौतमबुद्ध नगर इकाई की अध्यक्ष रेनू बाला शर्मा ने जिला कंपोजिट अस्पताल, सेक्टर-39 में नवजात बच्चियों का स्वागत कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस दौरान बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाते हुए उनके बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना और बालिकाओं के जन्म को लेकर लोगों को जागरूक करना रहा।
नवजात बच्चियों और माताओं को उपयोगी सामग्री वितरित
राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर नवजात बच्चियों को ऊनी गर्म कपड़े और जॉन्सन किट वितरित की गई। वहीं, नवजात बच्चियों की माताओं को पौष्टिक आहार के रूप में दलिया और बिस्किट दिए गए।
महिलाओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए सैनिटरी पैड भी वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बच्चियों के स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
बेटियों को लड़कों के बराबर समझने का दिया संदेश
रेनू बाला शर्मा ने कहा कि बेटियों को लड़कों से कम नहीं समझना चाहिए। उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बेटियों का जन्म परिवार और समाज के लिए खुशी का अवसर है, इसलिए उनके जन्म को उत्सव के रूप में मनाया जाना चाहिए।
उन्होंने महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की सलाह देते हुए कहा कि समाज में बेटियों के प्रति सोच में सकारात्मक बदलाव लाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए किया प्रेरित
कार्यक्रम में महिला उन्नति संस्था की जिला प्रभारी सीमा रावत की भी अहम भूमिका और सहयोग रहा। उन्होंने बच्चियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

सीमा रावत ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ शिक्षा और कौशल के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। आत्मनिर्भर महिलाएं अपने परिवार के साथ-साथ समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
बेटियों के सम्मान और सुरक्षा का लिया संकल्प
कार्यक्रम के माध्यम से महिला उन्नति संस्था ने बेटियों के सम्मान, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया। नवजात बच्चियों के स्वागत के साथ यह संदेश भी दिया गया कि बेटियों को लड़कों के बराबर अधिकार और अवसर मिलना चाहिए।
राष्ट्रीय बालिका दिवस पर आयोजित इस पहल ने बेटियों के जन्म को लेकर सकारात्मक सामाजिक सोच विकसित करने और महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक संदेश दिया।


























