चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन और साउथ जोन की भिड़ंत के पहले दिन रविवार को वह नजारा देखने को मिला, जो घरेलू क्रिकेट में कम ही देखने को मिलता है। साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा और ईस्ट जोन के 15 वर्षीय उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी के बीच मैदान पर जुबानी जंग छिड़ गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है।
11वें ओवर में कैसे शुरू हुआ विवाद?
बताया जा रहा है कि तिलक वर्मा ओपनिंग जोड़ी को तोड़ने के इरादे से युवा सलामी बल्लेबाज के पास पहुंचे और उनका ध्यान भटकाने के लिए स्लेजिंग शुरू कर दी। इस दौरान तिलक ने सूर्यवंशी से कहा भी, ‘क्या यार, ये उपकप्तान।’ इसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस हो गई। पूरी बातचीत माइक पर साफ तौर पर दर्ज नहीं हो पाई, लेकिन दोनों खिलाड़ियों के हाव-भाव से साफ था कि मामला गर्मा गया है।
अंपायरों को पड़ी दखल देनी पड़ी
मामला बिगड़ता देख तिलक वर्मा सूर्यवंशी के काफी करीब आ गए और उन्होंने शारीरिक इशारा भी किया। हालांकि, 15 साल के सूर्यवंशी ने बिना घबराए साउथ जोन के कप्तान का डटकर सामना किया और पीछे हटने का नाम नहीं लिया। तनाव बढ़ता देख अंपायरों को मैदान में आकर दोनों खिलाड़ियों को अलग करना पड़ा, ताकि मैच बाधित न हो।
स्लेजिंग के कुछ देर बाद ही गंवा बैठे विकेट
इस पूरी घटना का असर यह हुआ कि स्लेजिंग के कुछ देर बाद ही सूर्यवंशी अपना विकेट गंवा बैठे। मिलिंद ने 15वें ओवर में उन्हें पवेलियन की राह दिखा दी। सूर्यवंशी ने 33 गेंदों की अपनी पारी में पांच चौके और एक छक्के की मदद से 44 रन बनाए। वह फिफ्टी से तो चूक गए, लेकिन उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने टीम को दमदार शुरुआत दिलाई।
सोशल मीडिया पर फैंस नाराज, तिलक पर उठे सवाल
वीडियो वायरल होते ही क्रिकेट फैंस ने तिलक वर्मा पर हमला बोल दिया। एक यूजर ने लिखा कि पार्टनरशिप तोड़ने के चक्कर में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को स्लेज करना ठीक नहीं है। वहीं दूसरे फैन ने कमेंट किया कि किसी युवा खिलाड़ी को इस तरह स्लेजिंग का शिकार नहीं बनाना चाहिए। फैंस का कहना है कि सीनियर खिलाड़ियों को युवा टैलेंट के लिए प्रेरणा बनना चाहिए, न कि उन्हें मानसिक दबाव में डालने की कोशिश करनी चाहिए।
ईश्वरन के साथ 100 रनों की धमाकेदार साझेदारी
सूर्यवंशी ने अनुभवी अभिमन्यु ईश्वरन के साथ पहले विकेट के लिए 100 रनों की शानदार साझेदारी की, जिसने ईस्ट जोन को फाइनल में मजबूत शुरुआत दी। ईश्वरन ने 86 गेंदों पर 10 चौकों और एक छक्के की मदद से 72 रन ठोके, लेकिन वह 25वें ओवर में रनआउट होकर पवेलियन लौट गए।
टी ब्रेक तक ईस्ट जोन का स्कोर 246/4
टी ब्रेक के समय ईस्ट जोन ने 54 ओवर में चार विकेट खोकर 246 रन बना लिए थे। दूसरे सेशन में टीम को दो और झटके झेलने पड़े। शिखर मोहन शतक से चूक गए और 120 गेंदों पर 9 चौकों व तीन छक्कों की मदद से 85 रन बनाकर मिलिंद की गेंद पर बोल्ड हो गए। सेशन की समाप्ति पर कप्तान ईशान किशन 34 और कुमार कुशाग्र 4 रन बनाकर नाबाद खड़े थे।
वैभव सूर्यवंशी: भारतीय क्रिकेट का उभरता सितारा
15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी घरेलू क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर अपनी जगह बना चुके हैं। आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की ओर से शतक जड़कर चर्चा में आए इस युवा सलामी बल्लेबाज को भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जाता है। इस फाइनल में उन्हें उपकप्तान की जिम्मेदारी भी दी गई है, जो इस उम्र में किसी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि है।
तिलक वर्मा की कप्तानी में उतरा साउथ जोन
भारत की ओर से टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके तिलक वर्मा इस बार साउथ जोन की कप्तानी संभाल रहे हैं। मुंबई इंडियंस में मध्यक्रम की धुन बन चुके तिलक को शांत स्वभाव के लिए जाना जाता है, इसलिए मैदान पर उनकी इस हरकत पर फैंस का नाराज होना स्वाभाविक भी है।

























