Anna Hazare: आप पार्टी के लिए राज्यसभा में बड़ा संकट खड़ा होता दिख रहा है। पार्टी के बागी रुख अपनाते हुए राघव चड्ढा समेत 7 राज्यसभा सांसदों ने आप पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। इस बीच, आपके संस्थापक आंदोलन से जुड़े अन्ना हजारे ने इस बगावत पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने न सिर्फ नेताओं के इस फैसले को उनका ‘निजी अधिकार’ बताया, बल्कि पार्टी की कार्यप्रणाली पर भी तंज कसा है।
‘लोकतंत्र में किसी को रोका नहीं जा सकता’
बता दें कि अन्ना हजारे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति की अपनी राय होती है कि उसे कहां जाना है और कहां रहना है। इसके लिए किसी पर सख्ती करना बिल्कुल ठीक नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नेताओं के पार्टी छोड़कर जाने के पीछे कुछ न कुछ कारण जरूर होता है। उन्हें अंदरूनी स्तर पर कुछ दिक्कतें आई होंगी, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया है।
‘पार्टी सही चलती तो नहीं जाते’
अपने बयान के अगले हिस्से में अन्ना हजारे ने करारा कहा कि अगर कोई पार्टी से अलग होता है, तो उसका दोष भी उसी का है। लेकिन सच्चाई यह है कि अगर पार्टी सही चलती, तो कोई नहीं जाता। हजारे ने बिना किसी का नाम लिए नेताओं पर स्वार्थ का आरोप लगाते हुए कहा कि जब स्वार्थ आ जाता है, तो लोग भूल जाते हैं। समाज और देश को भूलकर जब लोग सिर्फ सत्ता और पैसे के पीछे भागते हैं, तो ऐसे में गड़बड़ी जरूर होती है।
भाजपा में शामिल होने का सिलसिला शुरू
राघव चड्ढा ने आप पार्टी छोड़ने की घोषणा करते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। पार्टी छोड़ने के कुछ ही देर बाद राघव चड्ढा ने भाजपा की सदस्यता ले ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में चड्ढा के साथ-साथ आप के दो अन्य सांसदों- संदीप पाठक और अशोक मित्तल को भी पार्टी का झंडा थमाया गया। चर्चा का विषय यह भी है कि कुछ दिनों पहले ही अशोक मित्तल के ठिकानों पर छापेमारी हुई थी, जिसके बाद से उनके पार्टी छोड़ने के कयास लगाए जा रहे थे।
कितने सांसदों ने दिया इस्तीफा?
राघव चड्ढा ने दावा किया है कि उनके साथ कुल 7 राज्यसभा सांसदों ने मिलकर AAP छोड़ने का फैसला किया है। इस सूची में संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, विक्रमजीत सिंह साहनी और राजेंद्र गुप्ता शामिल हैं।

हालांकि, अभी तक केवल तीन सांसदों (राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल) ने ही आधिकारिक रूप से BJP ज्वाइन की है। बाकी बागी सांसदों के अगले कदम का इंतजार किया जा रहा है। स्वाति मालीवाल ने पार्टी छोड़ने की पुष्टि करते हुए बताया कि वह वर्तमान में ईटानगर में हैं।
आप पार्टी के लिए बड़ा झटका
यह पूरा घटनाक्रम आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़े झटके के रूप में सामने आया है। राज्यसभा में AAP के कुल 10 सदस्य हैं। अगर 7 सांसदों के जाने का दावा सच साबित होता है, तो पार्टी की ऊपरी सदन में संख्या महज 3 रह जाएगी, जिससे पार्टी की राजनीतिक ताकत पर सीधा असर पड़ेगा। अब देखना होगा कि AAP इस सियासी सक्रियता का काउंटर कैसे करती है।























