UP News: सपा (समाजवादी पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज गुरुवार को इटावा में उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने गाजीपुर में सपा कार्यकर्ताओं पर पथराव के मामले को लेकर भाजपा और पुलिस प्रशासन पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा को अपनी हार का अहसास हो चुका है और वह विपक्ष में बैठने की ‘प्रैक्टिस’ कर रही है। अखिलेश यादव चकरनगर (इटावा) में आयोजित 101 विष्णु यज्ञ कुंडी और श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। यहां उन्होंने कई मुद्दों पर राज्य सरकार को निशाने पर लिया।
गाजीपुर कांड पर पुलिस-भाजपा पर मिलीभगत का आरोप
बता दें कि गाजीपुर में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सपा कार्यकर्ताओं पर हुए पथराव को लेकर अखिलेश ने कहा कि भाजपा के लोगों ने पहले से पत्थर इकट्ठा कर रखे थे और पुलिस के साथ मिलकर पथराव करवाया।” उन्होंने पुलिस पर पत्थरबाजों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। अखिलेश ने कहा कि जब भाजपा को जनता के बीच जाने का डर सताने लगे और विपक्ष की भूमिका निभाने की नौबत आए, तो समझना चाहिए कि उनके हारने का समय आ चुका है।
इटावा को ‘बर्बाद’ करने का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने इटावा के विकास को लेकर भाजपा सरकार पर भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चंबल का यह बीहड़ इलाका पहले असुरक्षित था, जिसे नेताजी मुलायम सिंह यादव ने सड़कों और पुलों के जरिए विकसित किया। लेकिन वर्तमान सरकार में भू-माफियाओं ने यहां की जमीनों पर बड़े पैमाने पर कब्जा कर लिया है और जंगलों व नदियों को बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि सपा सरकार बनने पर भू-माफियाओं के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई होगी कि कोई भी कानून से बच नहीं पाएगा।
जातीय जनगणना और आरक्षण पर बल
अखिलेश यादव ने एक बार फिर जातीय जनगणना की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब तक जनगणना के साथ जातीय आंकड़े नहीं आएंगे, तब तक शोषित और वंचित समाज को उनका हक और सम्मान नहीं मिल सकता। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा बाबा साहभ भीमराव अंबेडकर द्वारा दी गई आरक्षण व्यवस्था पर भरोसा ही नहीं करती और पिछड़े वर्गों के उत्थान की नीतियों को रोक रही है।
महिला सुरक्षा पर सीएम को ‘महिला विरोधी’ बताया
महिला आरक्षण बिल पर चर्चा करते हुए अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘महिला विरोधी’ करार दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भाजपा शासन में महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित राज्य बन गया है। उन्होंने सवाल किया कि जब महिला आरक्षण बिल पास होकर एक्ट बन चुका है, तो भाजपा अब इसके लिए धरना-प्रदर्शन किसके लिए कर रही है? इस दौरान उन्होंने केदारेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन के बाद एक मासूम बच्चे को उपहार देकर अपनी मानवीय संवेदना का परिचय भी दिया।

इधर, सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में कर्मचारियों का आक्रोश
अखिलेश यादव के इस राजनीतिक कार्यक्रम के बीच, इटावा स्थित सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। लगातार दो महीनों से वेतन न मिलने के कारण नाराज कर्मचारियों ने काम छोड़कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों (जिनमें पुनीत, रोहित और आशु शामिल हैं) का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उन्हें धमकी दे रहा है कि यदि वे प्रदर्शन नहीं छोड़ते हैं, तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा। कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अपना बकाया वेतन तत्काल जारी करने की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए हैं।
























