Uttarakhand News: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावे को लेकर कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। धार्मिक संगठन भैरव सेना ने श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) को लिखित शिकायत भेजकर मंदिर में दान और चढ़ावे की प्रक्रिया में गड़बड़ी होने का आरोप लगाया है। शिकायत मिलने के बाद बीकेटीसी प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों से जवाब मांगा है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
शिकायत के बाद हरकत में आया मंदिर प्रशासन
जानकारी के अनुसार, भैरव सेना के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री ने बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) के समक्ष यह मुद्दा उठाया। शिकायत में दावा किया गया कि 2 जुलाई की एक सीसीटीवी फुटेज में एक कर्मचारी संदिग्ध परिस्थितियों में दिखाई दे रहा है। इसी आधार पर चढ़ावे में कथित हेराफेरी की आशंका जताई गई।
शिकायत प्राप्त होते ही बीकेटीसी ने संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा है। साथ ही, जिस दिन की फुटेज पर सवाल उठाए गए हैं, उसे जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है ताकि तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से उसकी विस्तार से जांच की जा सके।
सीसीटीवी फुटेज की हो रही तकनीकी जांच
बीकेटीसी के अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल उपलब्ध सीसीटीवी वीडियो में तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। फुटेज को जूम करने पर भी संबंधित व्यक्ति की पहचान स्पष्ट रूप से नहीं हो पा रही है। इसी कारण अभी किसी कर्मचारी की भूमिका को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक स्तर पर समिति ने मामले की आंतरिक जांच भी शुरू कर दी थी, लेकिन फुटेज की गुणवत्ता स्पष्ट न होने के कारण जांच को और विस्तृत किया जा रहा है।
चार कर्मचारियों से मांगा गया स्पष्टीकरण
बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने पुष्टि की कि शिकायत मिलने के बाद चार कर्मचारियों से लिखित जवाब मांगा गया है। उन्होंने कहा कि यह मामला धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए बिना पर्याप्त साक्ष्य के किसी पर आरोप लगाना उचित नहीं होगा।
उन्होंने बताया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक स्वतंत्र जांच समिति गठित करने की सिफारिश भी बीकेटीसी अध्यक्ष को भेजी गई है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, मंदिर समिति के भीतर से ही कुछ लोगों ने भैरव सेना को सूचना दी थी कि पिछले कुछ समय से दान की गिनती और उसके प्रबंधन को लेकर अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है। इसी बीच जब कथित रूप से सीसीटीवी फुटेज में कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं तो संगठन ने तत्काल इस मामले को समिति के सामने उठाया।
बीकेटीसी अध्यक्ष बोले
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी किसी भी तरह की शिकायत को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने बताया कि निष्पक्ष जांच के लिए समिति गठित करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस कर्मचारी को कुछ रिपोर्टों में उनका निजी सहायक बताया जा रहा है, वह वास्तव में बीकेटीसी का नियमित कर्मचारी है और पहले भी समिति के विभिन्न अध्यक्षों के साथ कार्य कर चुका है।
द्विवेदी ने कहा कि यदि जांच में कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि आरोप गलत साबित होते हैं तो भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक तथ्यों के आधार पर तैयार की जाएगी।
पहले से बढ़ाई गई थी निगरानी
बीकेटीसी के अनुसार, हाल के वर्षों में देश के अन्य प्रमुख मंदिरों में दान प्रबंधन को लेकर उठे विवादों के बाद बदरीनाथ धाम में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया था। मंदिर परिसर में हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि दान प्रक्रिया और अन्य गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके।
सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने से पहले अपुष्ट दावों और अफवाहों से बचें। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए किसी भी जानकारी को बिना पुष्टि के प्रसारित करना उचित नहीं होगा।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष तरीके से होगी और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी विवादों में रही है बीकेटीसी
बीकेटीसी का नाम पिछले कुछ वर्षों में कई अन्य विवादों के कारण भी चर्चा में रहा है। इनमें मंदिर के गर्भगृह में लगाई गई सोने की प्लेटों को लेकर उठे सवाल, मंदिर परिसर में क्यूआर कोड के माध्यम से दान व्यवस्था, बजट खर्च को लेकर विवाद, नियुक्तियों में पारदर्शिता पर सवाल और वीआईपी दर्शन व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल रहे हैं।
ऐसे में बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़े नए आरोपों ने एक बार फिर मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर चर्चा तेज कर दी है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। तब तक किसी भी आरोप को सत्य मानना या किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।























