Daily Flights Worldwide: आपने कभी खामोशी भरी रात में आसमान की तरफ देखा है? जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब भी हजारों फीट ऊपर कोई न कोई विमान अपनी मंजिल की तरफ बढ़ रहा होता है। शायद आपने ध्यान नहीं दिया होगा, लेकिन हमारे ऊपर एक ऐसा अदृश्य नेटवर्क फैला हुआ है जो कभी रुकता नहीं है। पैसेंजर प्लेन, कार्गो (मालभाड़ा) विमान, प्राइवेट जेट्स और मिलिट्री एयरक्राफ्ट—ये सभी मिलकर पृथ्वी के आसमान को 24 घंटे व्यस्त रखते हैं।
लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि आखिर एक ही दिन में पूरी दुनिया में कुल कितने विमान उड़ते हैं? इसका जवाब सुनकर आपके होश उड़ जाने वाले हैं।
एक दिन में कितनी उड़ानें भरती हैं?
ग्लोबल एविएशन के आंकड़ों पर नजर डालें तो हमें पता चलता है कि पूरी दुनिया में किसी भी दिन औसतन 1 लाख (100,000) से 1.3 लाख (130,000) के बीच कमर्शियल उड़ानें संचालित की जाती हैं। हालांकि, यह संख्या स्थिर नहीं रहती। हफ्ते के किस दिन है, मौसम कैसा है और लोगों की यात्रा करने की मांग कितनी है—इन सब बातों पर यह आंकड़ा घटता-बढ़ता रहता है।
अगर बात रिकॉर्ड की करें, तो वैश्विक फ्लाइट ट्रैकिंग सेवा ‘फ्लाइटरडार24’ (Flightradar24) ने अपने डेटाबेस में अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड दर्ज किया, जब एक ही दिन में 1,53,359 कमर्शियल फ्लाइट्स ने उड़ान भरी थी। यह केवल कमर्शियल विमानों का आंकड़ा है। अगर इसमें प्राइवेट चार्टर्ड प्लेन, सेना के विमान और अन्य छोटे विमानों को जोड़ दिया जाए, तो यह संख्या और भी बेहद भयावह और विशाल हो जाती है।
किसी एक पल आसमान में कितने विमान होते हैं?
उड़ान भरने वाले कुल विमानों का आंकड़ा एक बात है, लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिस समय आप यह लेख पढ़ रहे हैं, उस बिल्कुल उसी पल दुनिया भर के आसमान में कितने विमान मौजूद हैं?
डेटा बताता है कि किसी भी दिए गए समय, आसमान में लगभग 12,000 से 14,000 विमान हो सकते हैं। जब दुनिया भर में सुबह-शाम का समय होता है और हवाई यातायात अपने चरम पर होता है, तो यह संख्या 16,000 से भी पार निकल जाती है। यानी आप जिस भी पल ऊपर देखेंगे, हजारों की संख्या में धातु के पंखों वाले ये विशाल पक्षी बादलों को चीरते हुए आगे बढ़ रहे होंगे।
हवा में उड़ने वाला एक शहर
एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पैसेंजर विमानों के उड़ने का मतलब है कि किसी भी दिन और किसी भी समय पृथ्वी की सतह से कुछ हजार फीट ऊपर लगभग 10 लाख से 12 लाख लोग यात्रा कर रहे होते हैं।
इसे ऐसे समझिए कि लखनऊ, पुणे या कानपुर जैसे किसी बड़े शहर की पूरी आबादी एक ही समय में हवा में मौजूद है। ये लोग अलग-अलग देशों से आ रहे हैं और अलग-अलग देशों को जा रहे हैं। यह आंकड़ा ग्लोबल एविएशन के विशाल पैमाने को दर्शाता है।

हर 1 से 2 सेकंड में एक उड़ान
ग्लोबल एयर ट्रैफिक इतना तेज और व्यस्त है कि दुनिया में कहीं ना कहीं आमतौर पर हर एक से दो सेकंड में कोई न कोई विमान उड़ान भरता है या फिर किसी रनवे पर लैंड करता है। यानी जितनी देर में आप एक गिलास पानी पी लेते हैं, उतने समय में दर्जनों विमानों ने अपनी यात्रा शुरू या समाप्त की होती है।
बिना टकराव कैसे उड़ते हैं ये विमान?
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि इतने सारे विमान एक साथ आसमान में हों तो टकराव क्यों नहीं हो जाता? दरअसल, विमान यूं ही बेतरतीब नहीं उड़ते। इन्हें विशेष एयरवेज (Airways) पर उड़ना होता है, जिन्हें आसमान की हाईवे कहा जा सकता है।
एविएशन अथॉरिटी और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम इन विमानों पर पूरी तरह से नजर रखते हैं। हर विमान को एक निश्चित ऊंचाई (Altitude) और रूट दिया जाता है। दो विमानों के बीच हजारों फीट की ऊर्ध्वाधर (Vertical) और क्षैतिज (Horizontal) दूरी बनाई रहती है। यह पूरा खेल बेहद सटीक गणित और तकनीक पर आधारित है।
फ्लाइट ट्रैकिंग कैसे काम करती है?
आज के दौर में तकनीक इतनी आगे बढ़ चुकी है कि कोई भी आम व्यक्ति अपने मोबाइल पर देख सकता है कि कौन सा विमान कहां उड़ रहा है। फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म एक विशेष तकनीक ‘ऑटोमेटिक डिपेंडेंट सर्विलांस ब्रॉडकास्ट’ (ADS-B) का इस्तेमाल करते हैं।
इसके अलावा सैटेलाइट डेटा और जमीन पर लगे रिसीवर्स की मदद से इन प्लेटफॉर्म्स को किसी भी एयरक्राफ्ट की एक्जैक्ट लोकेशन, वह कितनी ऊंचाई पर उड़ रहा है, उसकी स्पीड क्या है और वह किस एयरलाइन से संबंधित है—ये सारी जानकारी रियल-टाइम में मिल जाती है।























