Varuthini Ekadashi: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है, और वैशाख माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली वरुथिनी एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
पंचांग के अनुसार, एकादशी व्रत उदयातिथि के आधार पर रखा जाता है, यानी जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी तिथि होती है, उसी दिन व्रत रखा जाता है।
वरुथिनी एकादशी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
- व्रत की तिथि: 13 अप्रैल 2026
- एकादशी तिथि प्रारंभ: 13 अप्रैल 2026, रात 01:10 बजे
- एकादशी तिथि समाप्त: 14 अप्रैल 2026, रात 01:08 बजे
- पारण (व्रत खोलने) की तिथि: 14 अप्रैल 2026 (मंगलवार)
- पारण का समय: सुबह 06:54 बजे से 08:31 बजे तक
व्रत के नियम और पूजा विधि
वरुथिनी एकादशी का व्रत करने के लिए श्रद्धा और नियमों का पालन करना आवश्यक है:
- इस दिन अनाज, चावल, प्याज और लहसुन का त्याग करें।
- व्रत के दौरान केवल फल, दूध और सूखे मेवे का सेवन करें।
- प्रातः स्नान के बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने धूप, दीप, फूल और नैवेद्य अर्पित करें।
- एकादशी व्रत कथा का पाठ या श्रवण** अवश्य करें।
- दिनभर भगवान का ध्यान करें और मंत्र जाप में समय बिताएं।
धन-लाभ और सुख-समृद्धि के 3 विशेष उपाय
1. गन्ने के रस से अभिषेक
पूजा के दौरान भगवान विष्णु का ताजे गन्ने के रस से अभिषेक करें। मान्यता है कि इससे आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और धन-संपत्ति में वृद्धि होती है।
2. तुलसी पूजन
इस दिन तुलसी के पौधे की पूजा करें और जल अर्पित करें। साथ ही *तुलसी चालीसा* का पाठ करें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा और शांति बनी रहती है।
3. लक्ष्मी मंत्र का जाप
मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए सफेद आसन पर बैठकर इस मंत्र का जाप करें: “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः” इस मंत्र के नियमित जाप से धन-धान्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।























