संदिप कुमार गर्ग
नोएडा। थाना सेक्टर-113 पुलिस ने गुरुवार को फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से विदेशी नागरिकों के साथ ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर विदेशी नागरिकों के कंप्यूटर और लैपटॉप को निशाना बनाकर साइबर ठगी करने में किया जाता था।
विदेशी नागरिकों के कंप्यूटर पर भेजते थे फर्जी पॉप-अप
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे विदेशी लोगों के कंप्यूटर और लैपटॉप पर पॉप-अप मैसेज भेजकर सिस्टम को हैंग कर देते थे। इसके बाद खुद को Microsoft Customer Support का कर्मचारी बताकर यूजर से संपर्क किया जाता था।
आरोपी कंप्यूटर या लैपटॉप में आई कथित समस्या को ठीक करने के नाम पर यूजर से संपर्क करते और सर्विस के नाम पर वित्तीय ठगी करते थे। इस तरह विदेशी नागरिकों को तकनीकी सहायता के नाम पर अपने जाल में फंसाया जाता था।
11 आरोपियों से 19 लैपटॉप और 20 मोबाइल बरामद
थाना सेक्टर-113 पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से कुल 19 लैपटॉप, 20 मोबाइल फोन, 6 माउस, 3 हेडफोन विद माइक, 12 लैपटॉप चार्जर, 1 डी-लिंक और 1 टीपी-लिंक बरामद किया है।
बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से पुलिस को फर्जी कॉल सेंटर के संचालन और साइबर ठगी के तरीके से जुड़े अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
आरोपी विवेक पर देहरादून में भी दर्ज है मुकदमा
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी विवेक ने पुलिस को बताया कि उसके खिलाफ इसी तरह के मामले में पटेल नगर थाना, देहरादून, उत्तराखंड में भी अभियोग दर्ज है। पुलिस अब आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी कॉल सेंटर का नेटवर्क कितना बड़ा था और अब तक कितने विदेशी नागरिकों को इस तरीके से ठगी का शिकार बनाया गया। साथ ही पुलिस बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच कर रही है।


























