संदिप कुमार गर्ग
ग्रेटर नोएडा। बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने प्लॉट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आरोप है कि आरोपी ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर ऐसी जमीन के नाम पर फर्जीवाड़ा किया, जिसे उसके पूर्वज करीब वर्ष 1960 में ही एक किसान मिल को दे चुके थे।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान जमालपुर गांव निवासी सुखपाल सिंह पुत्र काले सिंह के रूप में हुई है। आरोपी ने कथित तौर पर धोखाधड़ी करते हुए 1140 वर्ग मीटर जमीन में से 285 वर्ग मीटर जमीन का फर्जी बैनामा तैयार कराया और उसे पीड़ित को करीब 12 लाख रुपये में बेच दिया।
आरोपी ने जिस जमीन को बेचा, उसे अपनी पत्नी के नाम बताया था। इसी आधार पर दनकौर क्षेत्र के खेरली हाफिजपुर गांव निवासी रविंद्र को जमालपुर गांव में जमीन दिखाई गई और सौदे की बात तय की गई।
पीड़ित ने जमीन का सौदा होने के बाद जब मौके पर जाकर उस पर कब्जा लेने का प्रयास किया, तो उसे अपने साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी हुई। जांच के दौरान सामने आया कि जिस जमीन को आरोपी अपनी बताकर बेच रहा था, उसके संबंध में पहले ही अधिकार हस्तांतरित किए जा चुके थे।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर जमीन के नाम पर फर्जीवाड़े की योजना तैयार की थी। मामले में आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
मामले की जांच के दौरान बीटा-2 ग्रेटर नोएडा कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुखपाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
इस तरह के जमीन संबंधी मामलों से बचने के लिए जमीन खरीदने से पहले उसके स्वामित्व, पुराने दस्तावेज, बैनामा और संबंधित रिकॉर्ड की जांच करना बेहद जरूरी है। किसी भी जमीन का सौदा करने से पहले उसके वास्तविक मालिकाना हक की पुष्टि करना महत्वपूर्ण है।


























