विधायक या सांसद, किसकी पेंशन पर सरकार खर्च करती ज्यादा?

संसद के लिए बने नियमों के अनुसार, जैसे ही कोई व्यक्ति सांसद के रूप में अपना कार्यकाल पूरा करके रिटायर होता है, उसे बेसिक पेंशन के तौर पर हर महीने 31,000 रुपये दिए जाते हैं। यह राशि हाल ही में बढ़ाई गई है।

रिटायर होने के बाद सांसदों को कितनी मिलती है पेंशन?

HIGHLIGHTS

  • सांसद को ज्यादा पेंशन या फिर विधायक को, जानिए सच
  • रिटायरमेंट के बाद सांसदों की जेब में आते कितने पैसे?
  • चौंकाने वाला सच: एक सांसद हर महीने लेता इतनी पेंशन
  • 31 हजार बेसिक पेंशन: सांसद और विधायक का पूरा गणित
  • एक ही शख्स ले रहा डबल पेंशन? खुल गया राज

Find out about MLA or MP pensions:भारत में जनप्रतिनिधियों के वेतन और सुविधाओं को लेकर जनता के मन में हमेशा से कई सवाल रहे हैं। खासकर तब जब बात पेंशन की होती है। आम सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन के नियमों में पिछले कुछ सालों में काफी बदलाव आया है और अब नई नौकरियों में एनपीएस लागू है, लेकिन सांसदों और विधायकों के लिए अभी भी पुरानी और अलग व्यवस्था लागू है। अक्सर लोगों के मन में यह उत्सुकता रहती है कि आखिर रिटायर होने के बाद एक सांसद को कितनी पेंशन मिलती है? क्या उन्हें विधायकों से ज्यादा फायदा होता है? आइए इस पूरे गणित और नियमों को आसान भाषा में समझते हैं।

रिटायर्ड सांसदों की पेंशन कैसे तय होती है?

संसद के लिए बने नियमों के अनुसार, जैसे ही कोई व्यक्ति सांसद के रूप में अपना कार्यकाल पूरा करके रिटायर होता है, उसे बेसिक पेंशन के तौर पर हर महीने 31,000 रुपये दिए जाते हैं। यह राशि हाल ही में बढ़ाई गई है। इससे पहले पूर्व सांसदों को 25,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती थी। बता दें कि यह पेंशन केवल एक बार चुने जाने पर या एक कार्यकाल पूरा करने पर भी दी जाती है।

अतिरिक्त कार्यकाल होने पर कैसे बढ़ती है पेंशन?

अगर कोई सांसद सिर्फ 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं करता, बल्कि लगातार कई बार जीतकर संसद पहुंचता है, तो उसे इस लंबे कार्यकाल का अलग से फायदा मिलता है। नियमों के मुताबिक, अगर कोई सांसद 5 साल से ज्यादा समय तक अपने पद पर बना रहता है, तो उसे 5 साल के बाद हर एक अतिरिक्त साल के लिए 2,500 रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त पेंशन दी जाती है।

इसे एक उदाहरण से समझ लेते हैं:

  • 7 साल का कार्यकाल: अगर किसी सांसद ने 7 साल तक संसद में सेवा की है, तो उसे बेसिक 31,000 रुपये के अलावा 2 अतिरिक्त सालों के लिए 5,000 रुपये मिलेंगे। इस तरह उनकी कुल मासिक पेंशन 36,000 रुपये हो जाएगी।
  • 8 साल का कार्यकाल: अगर किसी नेता ने 8 साल तक सांसद रहने का रिकॉर्ड बनाया है, तो उसे 31,000 रुपये के साथ 3 अतिरिक्त सालों के लिए 7,500 रुपये मिलेंगे। ऐसे में उनकी कुल पेंशन 38,500 रुपये प्रतिमाह हो जाएगी।
  • 9 महीने का खास नियम: पेंशन तय करते समय एक खास नियम यह भी है कि अगर किसी सांसद के अतिरिक्त वर्ष में कम से कम 9 महीने का कार्यकाल पूरा हो गया है, तो सरकार उस 9 महीने को पूरे एक साल के तौर पर काउंट करती है और उसे 2,500 रुपये का पूरा बोनस देती है।

क्या विधायकों (MLAs) को सांसदों से ज्यादा मिलती है पेंशन?

यहां का जवाब सीधा ‘हां या ना’ नहीं है। दरअसल, भारत में विधायकों की पेंशन कोई एक समान नहीं है। जबकि सांसदों की पेंशन का नियम केंद्र सरकार बनाती है, वहीं विधायकों का मामला पूरी तरह से राज्य सरकारों के हाथ में है।

  • हर राज्य की अपनी विधानसभा होती है और वहां के नेता अपने वेतन, भत्ते और पेंशन के नियम स्वयं तय करते हैं। इसी वजह से देश के अलग-अलग राज्यों में विधायकों को मिलने वाली पेंशन काफी अलग-अलग है।
  •  कुछ ऐसे राज्य हैं जहां विधायकों को मिलने वाली मासिक पेंशन सांसदों से भी ज्यादा है।
  • वहीं, कुछ राज्य सरकारें अपने खजाने की स्थिति को देखते हुए पेंशन की राशि सांसदों से कम भी रखती हैं।

इसलिए यह पूरी तरह से उस राज्य की सरकार और उसके द्वारा बनाए गए कानून पर निर्भर करता है कि उस राज्य का विधायक रिटायरमेंट के बाद कितनी पेंशन लेगा।

‘डबल पेंशन’ का मुद्दा: क्या एक साथ दो पेंशन ले सकते हैं नेता?

राजनीति में अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि कोई नेता पहले किसी राज्य से विधायक (MLA) रहता है और फिर बाद में लोकसभा या राज्यसभा का सांसद (MP) बन जाता है। ऐसी स्थिति में पहले के नियमों में यह प्रावधान था कि उसे राज्य सरकार से विधायक पेंशन और केंद्र सरकार से सांसद पेंशन—यानी दो-दो पेंशन एक साथ मिल सकती हैं।

हालांकि, इस ‘डबल पेंशन’ की व्यवस्था को लेकर देशभर में काफी विवाद देखने को मिला है। आम जनता और कई सामाजिक संगठनों का मानना है कि जब एक ही व्यक्ति है, तो उसे दो अलग-अलग सरकारों से पेंशन लेना उचित नहीं है। इस बदलते हुए माहौल को देखते हुए पंजाब समेत कई राज्य सरकारों ने इस नियम में बदलाव करने पर विचार शुरू कर दिया है, ताकि ‘डबल पेंशन’ लेने के रास्ते बंद हो सकें।

Sandhya Samay News

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