महाराष्ट्र: उपराष्ट्रपति ने विश्वविद्यालयों को दिखाई नई दिशा

छात्रों को सफलता की 'चाबी' सौंपी उपराष्ट्रपति

Maharastra News: शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ती खाई को पाटने के लिए देश के शैक्षणिक संस्थानों को अब बड़े बदलाव की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है। यह बात उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने शनिवार को मुंबई में आयोजित ‘रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय’ (RTMSSU) के पहले दीक्षांत समारोह में कही। उन्होंने विश्वविद्यालयों से अपने पाठ्यक्रमों को ‘दुनिया की जरूरतों’ के अनुरूप ढालने का आह्वान किया।

दुनिया की जरूरतों के मुताबिक बदलें सिलेबस

बता दें कि उपराष्ट्रपति ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब पुराने ढर्रे पर चलने का समय बीत चुका है। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया तेजी से बदल रही है, ऐसे में हमारे पाठ्यक्रम आधुनिक और वैज्ञानिक होने चाहिए, ताकि हमारे छात्र वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होंने शिक्षा जगत को यह नई दिशा दिखाते हुए जोर दिया कि सिर्फ किताबी ज्ञान अब पर्याप्त नहीं है, बल्कि इंडस्ट्री की मांग के अनुसार कौशल का होना अनिवार्य है।

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‘अनुकूलन क्षमता’ ही सफलता की चाबी

अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने ‘अनुकूलन क्षमता’ (Adaptability) को सफलता की सबसे बड़ी चाबी बताया। उन्होंने कहा कि देश की असली ताकत इमारतों या संसाधनों में नहीं, बल्कि उसके लोगों की क्षमताओं में निहित है। स्नातक छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य उन लोगों का है, जो तकनीकी कौशल के साथ-साथ व्यवहारिक कौशल जैसे कम्युनिकेशन स्किल, टीम वर्क और भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence) का तालमेल बिठाना जानते हैं।

रतन टाटा की विरासत और सामाजिक जिम्मेदारी

विश्वविद्यालय के नाम का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि रतन टाटा की विरासत हमें सिखाती है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनना भी है। उन्होंने संस्थानों से आह्वान किया कि वे न केवल स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार करें, बल्कि छात्रों में नैतिक मूल्यों और सामाजिक दायित्व की भावना भी भरें।

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नशामुक्त अभियान की शुरुआत

समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल ‘Say No to Drugs’ की शुरुआत की और युवाओं से नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की। कार्यक्रम के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत लगाई गई प्रदर्शनी का भी दौरा किया, जहां उन्होंने शिक्षा और उद्योग के संगम को करीब से देखा।
इस ऐतिहासिक दीक्षांत समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार और कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुंबई हवाई अड्डे पर पहुंचने पर उपराष्ट्रपति का भव्य स्वागत किया गया और लोक भवन में उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ भी दिया गया।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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