संदिप कुमार गर्ग
नोएडा। त्रिदिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का समापन सत्र गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में श्री विशोक कुमार, प्रदेश निरीक्षक, डॉ. मनु उमेश जी, कोषाध्यक्ष, भा. दे. सरस्वती विद्या मंदिर, नोएडा, विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सोमगिरी गोस्वामी जी, छत्रपति शिवाजी, बुलंदशहर की प्रधानाचार्या श्रीमती हर्षिता सांगवान जी सहित अन्य गणमान्य सदस्यों की गरिमामय उपस्थिति रही।
प्रशिक्षण वर्ग में वाणिज्य, गणित एवं अंग्रेजी विषय के आचार्य-आचार्याओं ने सक्रिय सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान रिसोर्स पर्सन एवं संचालन टोली के मुख्य शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपने-अपने विषयों के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही विषय आचार्य-आचार्याओं ने विभिन्न कक्षा गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण वर्ग के अनुभवों को साझा किया।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप गतिविधि आधारित शिक्षा पर जोर
समापन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री विशोक कुमार जी ने कहा कि प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य शिक्षकों की गुणवत्ता एवं कार्यक्षमता का विकास करना है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से बच्चों को गतिविधि आधारित शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षकों में जागरूकता एवं निरंतर सीखने की भावना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक का विकास तभी सार्थक माना जाएगा, जब वह अपनी पुस्तकों एवं शिक्षण सामग्री की समीक्षा कर उसके अनुरूप प्रभावी क्रियान्वयन करे। उन्होंने प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभवों को कक्षा-कक्ष में लागू करने का आह्वान किया।
पुस्तकों के अध्ययन की आदत विकसित करने का आह्वान
इस अवसर पर डॉ. मनु उमेश जी ने शिक्षकों को नियमित रूप से पुस्तकों का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पुस्तकों के अध्ययन से ज्ञान का विस्तार होता है तथा शिक्षक अपने विषय एवं शिक्षण पद्धति को अधिक प्रभावी बना सकते हैं। उन्होंने सभी आचार्य-आचार्याओं से आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया।
प्रशिक्षण से शिक्षण की गुणवत्ता में होगा सुधार
त्रिदिवसीय प्रशिक्षण वर्ग के दौरान शिक्षकों ने विषय आधारित गतिविधियों, नवीन शिक्षण विधियों तथा कक्षा-कक्ष में उनके प्रयोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। प्रशिक्षण के अनुभवों के आदान-प्रदान से शिक्षकों को अपने शिक्षण कार्य को अधिक प्रभावी एवं रुचिकर बनाने के लिए नई दिशा मिली।
समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव को विद्यालय में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयोग करने का संकल्प लिया। इस प्रकार त्रिदिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का समापन ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं सार्थक वातावरण में हुआ।


























