Yamuna Chhath Puja : इस वर्ष आज 24 मार्च 2026 में यमुना छठ का पर्व विशेष रूप से भारत के उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृन्दावन क्षेत्र में बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन देवी यमुना के पृथ्वी पर अवतरण की मान्यता का स्मरण किया जाता है, इसलिए इसे यमुना जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। यह पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को पड़ता है, जो चैत्र नवरात्रि के समय आती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार देवी यमुना को भगवान श्रीकृष्ण की पत्नी माना गया है। इसी कारण ब्रज क्षेत्र के लोग विशेष रूप से यमुना जी की पूजा-अर्चना करते हैं।
छठ का शुभ अवसर और तिथि
बता दें कि 2026 में यमुना छठ का यह पावन पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाएगा। यह तिथि चैत्र नवरात्रि के दौरान आने के कारण और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन देवी यमुना का पृथ्वी पर आगमन हुआ था, इसलिए यह दिन यमुना जयंती के रूप में प्रसिद्ध है। इस दिन यमुना नदी के तटों पर विशेष पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन किया जाता है।
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ब्रज की अनन्य आस्था: कृष्ण की पत्नी के रूप में यमुना
पौराणिक कथाओं और ब्रज की संस्कृति में देवी यमुना का स्थान अद्वितीय है। उन्हें भगवान श्री कृष्ण की पत्नी के रूप में स्थापित किया गया है। यही कारण है कि मथुरा और वृन्दावन के ब्रजवासियों के लिए यमुना माता सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि एक आराध्य देवी हैं। ब्रज के लोगों का मानना है कि यमुना जी के दर्शन मात्र से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
उत्सव का माहौल
इस अवसर पर मथुरा और वृन्दावन के विभिन्न घाटों पों, जैसे केशी घाट, विश्राम घाट आदि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र होते हैं। नदी में दीपदान करने का विशेष महत्व होता है। शाम को यमुना आरती के दौरान घाटों पर दीयों की रोशनी से एक अलग ही नजारा होता है। वर्ष 2026 में भी इस परंपरा को निभाते हुए भक्त यमुना मैया के स्नान और पूजन के लिए बड़ी संख्या में पहुंचने की संभावना है।



















