ऋषि तिवारी
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले में शनिवार शाम को हुए हृदय विदारक हादसे की वजह सामने आ गई है। जो कि मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक एफआईआर (FIR) की कॉपी में खुलासा हुआ है कि यह घटना सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाने और लापरवाही के कारण हुई है। इस हादसे में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।
झूला मालिक पर मुख्य आरोप
बता दें कि प्रारंभिक जांच और एफआईआर के अनुसार, हादसे के लिए ‘हिमाचल फन फेयर’ के मालिक सरबजीत सिंह और उसके स्टाफ की लापरवाही जिम्मेदार है। सरबजीत सिंह हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर, तहसील पोटा साहिब का रहने वाला है। आरोप है कि उसने मेले में लगाए गए झूले में बिना किसी सुरक्षा जांच के लोगों को बैठाया, जिससे यह बड़ा हादसा हो गया।
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हादसे का दर्दनाक सिलसिला
बता दें कि एफआईआर में दर्ज जानकारी के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 6 बजे इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद (बेल्ट नंबर 27 HAP) अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद थे। अचानक झूला एक तरफ से टूट गया। लोगों को बचाने के लिए इंस्पेक्टर प्रसाद और अन्य पुलिसकर्मी तुरंत आगे बढ़े। इसी बीच झूले का दूसरा हिस्सा अचानक गिर गया और सीधे इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के ऊपर आ गिरा।
ड्यूटी के दौरान शहीद हुए इंस्पेक्टर
बता दें कि इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पलवल से सूरजकुंड क्राफ्ट मेले की ड्यूटी पर आए थे। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें सुप्रीम हॉस्पिटल, फरीदाबाद में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस हादसे में कुछ अन्य पुलिसकर्मियों और आम लोगों को भी चोटें आई हैं।
पुलिस की कार्रवाई और वीडियो सामने आया
बता दें कि इस मामले में एएसआई सनी शर्मा की शिकायत पर धारा 105 BNS के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साइंस टीम को बुलाकर घटनास्थल की जांच की जा रही है और आरोपी झूला मालिक की तलाश शुरू कर दी गई है। वहीं, हादसे का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि हादसे के कुछ पलों पहले झूला तेजी से घूम रहा था और अचानक उसका संतुलन बिगड़कर वह गिर गया। हादसे के बाद डीएम आयुष सिन्हा ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया और मैदान खाली कराया गया।

























