UP News: इंडियन पीपुल्स सर्विसेज (आईपीएस) ने शहीदे आजम इंकलाबी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत दिवस (23 मार्च) के अवसर पर उनके चित्र पर फूल-माला चढ़ाकर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। इस दौरान संगठन ने भगत सिंह को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित करने और उनके विचारों को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल करने की प्रमुख मांग उठाई।
स्थान एवं कार्यक्रम
कार्यक्रम का आयोजन बांसडीह ताली मौजा स्थित लक्ष्य डिजिटल लाइब्रेरी पर किया गया। इस मौके पर उपस्थित लोगों ने तीनों क्रांतिकारियों को याद करते हुए ‘इंकलाब ज़िंदाबाद’ के जोरदार नारे लगाए।
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मुख्य अतिथि का संबोधन
कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों और नौजवानों को संबोधित करते हुए आईपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद गोंडवाना ने कहा कि भगत सिंह अखण्ड भारत के सबसे युवा छात्र क्रांतिकारी थे। उन्होंने कहा कि भगत सिंह को मानने वाले अखण्ड भारत के सभी हिस्सों में हैं। यदि भगत सिंह आजादी मिलने तक जिंदा रहते, तो हमारा महान देश अखण्ड भारत अखण्ड ही रहता।
प्रासंगिकता और मांगें
अध्यक्ष अरविंद गोंडवाना ने यह भी जोर दिया कि भगत सिंह की जेल डायरी, उनके विचार व लेख आज के दौर में भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान थे। संगठन द्वारा प्रमुखता से निम्नलिखित मांगें उठाई गईं। भगत सिंह को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाए। उनके विचारों, लेखों और जेल डायरी को शैक्षणिक पाठ्य पुस्तकों में शामिल किया जाए। उनके जीवन और विचारों पर शोध कार्य प्रारंभ किए जाएं।


























