Gautam Buddha Nagar News: उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के क्रम में, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिवानी रावत द्वारा आज जिला कारागार में स्थापित लीगल एड क्लीनिक का निरीक्षण किया गया। इस दौरान बंदियों के लिए एक विधिक जागरूकता शिविर का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर जेलर संजय साही एवं उप जेलर सुरजीत सिंह मौजूद रहे।
2479 बंदियों की कानूनी सेवाओं की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान जेलर संजय साही ने बताया कि वर्तमान में जिला कारागार गौतमबुद्धनगर में 2479 बंदी निरुद्ध हैं। सचिव द्वारा कारागार की व्यवस्थाओं का गहनता से निरीक्षण किया गया। इस दौरान विशेष रूप से किशोर बैरक (Juvenile Barrack) का निरीक्षण किया गया और वहां निरुद्ध किशोर बंदियों से उनके मुकदमों एवं उन्हें मिल रही विधिक सहायता के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई।
बंदियों के मुकदमों से संबंधित कार्ड का अवलोकन करते हुए उन्हें उपलब्ध अधिवक्ताओं एवं कानूनी सहायता व्यवस्था की समीक्षा की गई। किशोर बंदियों ने बताया कि सभी को निजी अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर की ओर से अधिवक्ता उपलब्ध कराए गए हैं।
जेल प्रशासन को दिए गए निर्देश
सचिव शिवानी रावत ने जेल प्रशासन को कई आवश्यक निर्देश दिए:
- अधिवक्ताओं का विवरण: बंदियों के मुकदमों से संबंधित कार्ड पर उनके अधिवक्ताओं के नाम स्पष्ट रूप से अंकित किए जाएं।
- सफाई व्यवस्था: किशोर बैरक में साफ-सफाई एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था बनाए रखी जाए।
- समय से सहायता: प्रत्येक बंदी को समय से विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए और यह सुनिश्चित हो कि कोई भी बंदी अधिवक्ता की सुविधा से वंचित न रहे।
विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन
इसके उपरांत जिला कारागार में स्थापित विधिक सहायता केन्द्र पर बंदियों के लिए एक विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में बंदियों को उनके अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता एवं मुकदमों में पैरवी हेतु अधिवक्ता के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
पीएलवी द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा
निरीक्षण के अंतिम चरण में, जिला कारागार गौतमबुद्धनगर में स्थापित विधिक सहायता केन्द्र में कार्यरत बंदी पीएलवी (पैरा लीगल वॉलंटियर) द्वारा अन्य बंदियों को प्रदान की जा रही विधिक सहायता संबंधी कार्यों की समीक्षा की गई। पीएलवी द्वारा संधारित रजिस्टर एवं अभिलेखों के उचित रखरखाव एवं अद्यतन व्यवस्था बनाए रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।


























