सांवलियाजी मंदिर में चढ़ावे का सैलाब: 4 दिन में 31 करोड़ पार,काउंटिंग मशीनें भी हुईं फेल

Chittorgarh Shri Sanwaliyaji Temple: मेवाड़ के कृष्णधाम और आस्था के प्रमुख केंद्र मंडफिया स्थित श्री सांवलियाजी मंदिर में हर माह अमावस्या से एक दिन पूर्व भंडार को खोला जाता है। वैशाख मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी से शुरू हुई इस गणना का चौथा चरण मंगलवार देर शाम संपन्न हुआ।

करोड़ों की बारिश: सांवलिया सेठ मंदिर में आस्था का कमाल

HIGHLIGHTS

  • सांवलियाजी के दरबार में चढ़ावे का डंका
  • नकदी गिनती पूरी, अब जेवरातों की तौल का इंतजार
  • काउंटिंग मशीनें हुई थकीं, अभी और बढ़ सकता है आंकड़ा
  • सांवलिया सेठ के भंडार में कितना छुपा खजाना?
  • 31 करोड़ नकद के बाद अब सोने-चांदी की बारी

Chittorgarh Shri Sanwaliyaji Temple: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री सांवलियाजी मंदिर में इन दिनों भक्तों की आस्था का जलवा कुछ ज्यादा ही बवंडर बनकर उठा है। अप्रैल 2026 माह की भंडार गणना में नोट गिनते-गिनते काउंटिंग मशीनें ही थक गई हैं। मात्र चार दिनों की कैश गिनती में ही 31 करोड़ 1 लाख 63 हजार रुपये का आंकड़ा पार हो गया है। हालांकि, अभी भी सोने-चांदी और ऑनलाइन दान की गिनती बाकी है, जिससे अंतिम आंकड़ा और भी बुलंद होने की उम्मीद है।

मेवाड़ के कृष्णधाम और आस्था के प्रमुख केंद्र मंडफिया स्थित श्री सांवलियाजी मंदिर में हर माह अमावस्या से एक दिन पूर्व भंडार को खोला जाता है। वैशाख मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी से शुरू हुई इस गणना का चौथा चरण मंगलवार देर शाम संपन्न हुआ।

चार दिनों में ऐसे बढ़ा दान का आंकड़ा

मंदिर प्रशासन के मुताबिक, लगातार चार दिनों तक चली मशीनों और स्टाफ की कड़ी मेहनत के बाद जो आंकड़े सामने आए हैं, वे किसी चमत्कार से कम नहीं हैं:

  • प्रथम व द्वितीय चरण: कुल 17 करोड़ 62 लाख 24 हजार 500 रुपए।
  • तृतीय चरण (20 अप्रैल): 9 करोड़ 60 लाख 61 हजार 500 रुपए।
  • चतुर्थ चरण (मंगलवार): 3 करोड़ 78 लाख 77 हजार रुपए।
  • अब तक का कुल योग:31 करोड़ 1 लाख 63 हजार रुपए।

अभी और बढ़ सकता है आंकड़ा

31 करोड़ का आंकड़ा सिर्फ नकदी (कैश) का है। भंडार में अभी बड़ी मात्रा में चिल्लर और भक्तों द्वारा भेंट किए गए जेवरातों का बोझ पड़ा हुआ है। बुधवार को चढ़ावे में आए सोने-चांदी सहित अन्य कीमती धातुओं की तौल और गिनती शुरू होगी। साथ ही, ऑनलाइन (डिजिटल) माध्यम से प्राप्त हुई भारी दान राशि का भी ऑडिट होना बाकी है। ऐसे में अप्रैल माह का अंतिम और संपूर्ण आंकड़ा बुधवार देर रात या गुरुवार तक सामने आने की प्रबल संभावना है।

क्यों हर महीने टूटते हैं सांवलियाजी के रिकॉर्ड?

मेवाड़ सहित पूरे देशभर से आने वाले भक्तों की एक अटूट मान्यता है कि ‘सांवरा सेठ’ के दरबार में चढ़ाया गया एक पैसा भी कई गुना होकर लौटता है। मंदिर में चढ़ावे के बाद घर पर धन-धान्य की बारिश होती है—यही विश्वास हर महीने दान राशि के नए कीर्तिमान रख रहा है।

आज श्री सांवलियाजी मंदिर भारत के उन चुनिंदा और सबसे अमीर मंदिरों में शामिल हो चुका है, जहां भंडार के ताले खुलते ही करोड़ों की बारिश शुरू हो जाती है। इस बार नोटों की इस बारिश ने एक बार फिर मेवाड़ की आस्था को पूरे देश में स्थापित किया है।

Sandhya Samay News

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