Delhi News: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार तड़के राष्ट्रीय राजधानी में एक बड़ी सफलता हासिल की है। रोहिणी इलाके में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में पुलिस ने टिल्लू ताजपुरिया गैंग के दो खतरनाक शूटरों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कुणाल और विशाल के रूप में हुई है, जो बवाना के हरेवली गांव में हुए सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल थे।
कैसे हुई मुठभेड़?
क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त पंकज कुमार के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि हरेवली हत्याकांड में शामिल शूटर रोहिणी सेक्टर के पास किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने या छिपने के इरादे से आ रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर दी। देखते ही देखते बदमाशों ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने उन्हें आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन आरोपियों ने नहीं माना और फायरिंग जारी रखी। जवाबी कार्रवाई में करीब एक दर्जन (12) राउंड गोलियां चलीं। इस दौरान पुलिस ने सटीक निशाना लगाते हुए दोनों शूटरों के पैरों में गोली मारी, जिससे वह घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें तुरंत अस्पताल रेफर कर दिया है।
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क्या है हरेवली हत्याकांड का सच?
पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार शूटर कुणाल और विशाल बीते हफ्ते 19 मार्च को हरेवली गांव में हुए खूनी गैंगवार के मुख्य सूत्रधार हैं। पुलिस के मुताबिक, गैंगवार और वर्चस्व की लड़ाई के चलते इन्होंने गोगी गैंग से जुड़े रवि भारद्वाज के घर में घुसकर हमला बोल दिया था। हमलावरों ने करीब 20-25 राउंड गोलियां चलाईं थीं, जिसमें रवि की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक नाबालिग सहित तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी।
पकड़े गए शूटरों का इतिहास
बता दें कि कुणाल टिल्लू ताजपुरिया गैंग का मुख्य शूटर, जो कई आपराधिक मामलों में वांछित था। विशाल कुणाल का करीबी सहयोगी, जो हत्या और रंगदारी के गंभीर मामलों में संलिप्त रहा है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और हथियारों के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। इस गिरफ्तारी से दिल्ली में सक्रिय गैंगवार पर बड़ा अंकुश लगने की उम्मीद है।























