Eid-ul-Adha 2026 Greetings: देश भर में आज ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर देश की राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक क्षेत्र तक, सभी ओर से शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के कई दिग्गज नेताओं और मुख्यमंत्रियों ने देशवासियों को बकरीद की हार्दिक बधाई दी है। इस अवसर पर नेताओं ने न केवल त्योहार की खुशियां बांटीं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा, सौहार्द और एकता को मजबूत करने का भी संदेश दिया। ईद-उल-अजहा का मूल संदेश ‘त्याग’ और ‘बलिदान’ का है, जिसे सभी नेताओं ने अपने-अपने संदेशों में मुख्य रूप से स्थान दिया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बकरीद के अवसर पर देशभर के मुस्लिम समुदाय के लोगों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में उन्होंने इस पवित्र पर्व को समर्पण, त्याग और बलिदान का प्रतीक बताया। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि ईद-उल-अजहा हमें मानवता की सेवा करने की प्रेरणा देता है, विशेष रूप से समाज के उन वंचित वर्गों की जो जीवन की मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने देशवासियों से समाज में प्रेम, करुणा और समरसता का संचार करने के लिए और अधिक प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने की अपील की। राष्ट्रपति के इस संदेश ने त्योहार की सामाजिक व आध्यात्मिक चेतना को और गहरा कर दिया, जो सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि समाज के कल्याण के लिए एक आंदोलन बनने का संदेश देता है।
Eid ul-Adha greetings! May this occasion deepen the spirit of brotherhood and happiness in our society. Praying for everyone’s success and good health.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 28, 2026
पीएम नरेंद्र मोदी की कामना: भाईचारे और खुशियों का विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पावन पर्व पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से अपनी बधाई व्यक्त करते हुए कहा कि यह त्योहार समाज में भाईचारे और खुशियों की भावना को और अधिक गहरा करे। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में देश के सभी नागरिकों की सफलता और अच्छे स्वास्थ्य के लिए भी प्रार्थना की। उनका संदेश देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने में इस त्योहार की भूमिका को रेखांकित करता है। पीएम मोदी का यह आशीर्वाद देशवासियों के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है कि हम सब मिलकर एक खुशहाल और समृद्ध भारत का निर्माण करें।
केरल के सीएम वीडी सतीशन: आध्यात्मिक रोशनी का संदेश
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने भी ईद-उल-अजहा पर अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बकरीद को त्याग और निस्वार्थ भक्ति का शाश्वत संदेश देने वाला पर्व बताया। सीएम सतीशन ने कहा कि इस उत्सव की आध्यात्मिक रोशनी हमें जीवन की हर चुनौती का सामना साहस और आशा के साथ करने की शक्ति प्रदान करेगी। उनके संदेश में विपरीत परिस्थितियों में भी आशावाद बनाए रखने की भावना स्पष्ट झलकती है, जो आज के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल: गरीबों की सेवा का पर्व
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी प्रदेश एवं देशवासियों को बकरीद की बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा पर्व का असली मर्म त्याग तथा सेवा की भावना में निहित है। यह पर्व हमें समाज के गरीबों, जरूरतमंदों और असहाय लोगों की सहायता करने के लिए प्रेरित करता है। राज्यपाल ने लोगों से इस भावना को अपनाने की अपील की ताकि समाज का हर वर्ग खुशहाल रह सके। उनका संदेश राज्य के सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
बसपा सुप्रीमो मायावती: शांति और सौहार्द पर जोर
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भारतीय मुस्लिम धर्म के लोगों को दिली मुबारकबाद देते हुए समस्त देशवासियों के खुशहाल जीवन की कामना की। उन्होंने अपने संदेश में इस बात पर विशेष जोर दिया कि सभी त्योहार शांति और आपसी सौहार्द के साथ मनाए जाने चाहिए। मायावती ने कहा कि जब तक समाज में शांति और भाईचारा बना रहेगा, तब तक देश के संसाधनों का उपयोग विकास और तरक्की में हो सकेगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में बसपा की पूर्ववर्ती सरकारों के ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के शासन मॉडल का भी जिक्र किया, जो सर्वसमावेशी विकास के उनके दर्शन को दर्शाता है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी दी शुभकामनाएं
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से बकरीद की बधाई दी। उन्होंने अपने पोस्ट के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं और देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए आपसी प्रेम और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने पर बल दिया।
एकता और भाईचारे का प्रतीक
समग्र रूप से देखा जाए तो ईद-उल-अजहा के इस अवसर पर देश के राजनीतिक और सामाजिक नेताओं के संदेशों ने एक साझा सूत्र को रेखांकित किया है- ‘त्याग और सेवा’। चाहे वो राष्ट्रपति हों, प्रधानमंत्री, राज्यपाल या राजनीतिक दलों के नेता, सभी ने समाज के कल्याण और एकता को ही सर्वोपरि माना है। यह त्योहार हमें याद दिलाता है कि असली खुशी बांटने में है और असली धर्म मानव सेवा है। इन नेताओं के संदेशों से उम्मीद जगती है कि यह पर्व देश में आपसी सद्भाव, सौहार्द और शांति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।





















