PM Narendra Modi News: पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (15 मई) को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही उन खबरों का करारा जवाब दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि केंद्र सरकार विदेशी यात्रा पर टैक्स, सेस या सरचार्ज लगाने जा रही है। पीएम मोदी ने इन खबरों को ‘सरासर झूठ’ करार देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार का विदेश यात्राओं पर किसी भी तरह की पाबंदी लगाने का कोई इरादा नहीं है।
पीएम मोदी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि इसमें जरा भी सच्चाई नहीं। विदेशी यात्रा पर इस तरह के प्रतिबंध लगाने का कोई सवाल ही नहीं है। हम अपने लोगों के लिए ‘व्यापार करने में आसानी’ और ‘जीवन जीने में आसानी’ को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह सरासर झूठ है।”
क्या था मीडिया रिपोर्ट में दावा?
दरअसल, एक वर्गीय मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया था कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और उससे उत्पन्न आर्थिक दबाव से निपटने के लिए सरकार विचार कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया था कि सरकार विदेश यात्रा पर अस्थायी तौर पर एक साल के लिए सरचार्ज लगा सकती है। यह कदम बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों और आयात लागत के असर को कम करने के लिए उठाया जा सकता था, जिससे मिलने वाला राजस्व सीधे केंद्र सरकार को जाता।
पहले भी दी थी जनता को सलाह
यह रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई जब पीएम मोदी ने कुछ दिन पहले ही नागरिकों से ऊर्जा संरक्षण की अपील की थी। 10 मई को अपने संबोधन में पीएम मोदी ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने और गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से परहेज करने की सलाह दी थी।
This is totally false.
Not an iota of truth in this.
There is no question of putting such restrictions on foreign travel.
यह भी पढ़ेंदिल्ली में बारिश का जलभराव, दो बच्चे की मौतWe remain committed to improving ‘Ease of Doing Business’ and ‘Ease of Living’ for our people. https://t.co/9lxjbxz0nV
— Narendra Modi (@narendramodi) May 15, 2026
तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा था कि देशभक्ति का मतलब सिर्फ सीमा पर अपनी जान कुर्बान करना नहीं है। इन दिनों देशभक्ति का मतलब जिम्मेदारी से जीना और अपने दैनिक जीवन में राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वाह करना है। उन्होंने पेट्रोल, डीजल और विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए आयातित पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग आवश्यकतानुसार करने पर जोर दिया था।
पश्चिम एशिया का असर और एविएशन सेक्टर
पीएम मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव और युद्ध-जैसी स्थिति ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला दिया है। फरवरी के अंत में शुरू हुए संघर्ष के बाद से कच्चे तेल और जेट फ्यूल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेट फ्यूल की कीमतें 85-90 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 150-200 डॉलर तक पहुंच गई हैं।
इस वजह से भारतीय विमानन कंपनियों पर भी आर्थिक बोझ बढ़ गया है। एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइन्स की संस्था फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने सरकार से एटीएफ (एविएशन टरबाइन फ्यूल) की बढ़ती कीमतों पर राहत देने की अपील की है। हालांकि, पीएम मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि इन चुनौतियों का सामना करने के लिए सरकार आम नागरिकों की विदेश यात्रा पर टैक्स या प्रतिबंध नहीं लगाएगी।























