संदिप कुमार गर्ग
नोएडा। प्रतिबंधित ई-सिगरेट की सप्लाई करने वाले एक तस्कर को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। थाना सेक्टर-39 पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी रियाज अहमद को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के कब्जे से करीब 8 लाख रुपये कीमत का प्रतिबंधित सामान और एक कार बरामद की गई है। आरोपी उत्तराखंड के खटीमा का रहने वाला बताया जा रहा है और एनसीआर में अलग-अलग लोगों को प्रतिबंधित चाइनीज ई-सिगरेट सप्लाई करता था।
थाना सेक्टर-39 पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान रियाज अहमद निवासी खटीमा, उत्तराखंड के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी प्रतिबंधित ई-सिगरेट और चाइनीज सिगरेट को एनसीआर क्षेत्र में सप्लाई करने का काम करता था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उसके पास से करीब 8 लाख रुपये का माल और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार बरामद की है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी उत्तराखंड में सक्रिय एक अंतरराष्ट्रीय तस्कर के माध्यम से यूएसए-मेड चाइनीज सिगरेट खरीदता था। इसके बाद वह इन प्रतिबंधित उत्पादों को एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करता था। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।
ई-सिगरेट (Electronic Cigarette) एक तरह का इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन डिलीवरी सिस्टम है। ये डिवाइस आमतौर पर बैटरी से संचालित होते हैं और इनके जरिए निकोटिन शरीर तक पहुंचाया जाता है।
सामान्य सिगरेट की तरह ई-सिगरेट में तंबाकू को जलाने की जरूरत नहीं होती। इसमें आमतौर पर एक कार्ट्रिज या टैंक में लिक्विड भरा होता है, जिसे डिवाइस का हीटिंग सिस्टम गर्म करता है। गर्म होने के बाद यह लिक्विड एरोसोल में बदल जाता है, जिसे उपयोगकर्ता सांस के जरिए अंदर लेता है।
ई-सिगरेट में मुख्य रूप से रिचार्जेबल बैटरी, निकोटिन कार्ट्रिज और एवोपोरेटिंग/हीटिंग चैंबर जैसे हिस्से होते हैं। बैटरी से हीटर गर्म होता है और लिक्विड को एरोसोल में बदल देता है।
ई-सिगरेट को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ लंबे समय से सावधानी बरतने की सलाह देते रहे हैं। निकोटिन एक नशीला और अत्यधिक लत लगाने वाला पदार्थ है। ई-सिगरेट के एरोसोल में निकोटिन के अलावा अन्य रसायन और ऐसे पदार्थ भी हो सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।

निकोटिन का सेवन हृदय और रक्त वाहिकाओं पर असर डाल सकता है। ई-सिगरेट के इस्तेमाल से फेफड़ों और शरीर के अन्य अंगों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर भी स्वास्थ्य क्षेत्र में चिंता जताई जाती रही है।
भारत में ई-सिगरेट के उत्पादन, निर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री, वितरण, भंडारण और विज्ञापन पर कानूनी प्रतिबंध लागू है। ऐसे में प्रतिबंधित ई-सिगरेट की तस्करी और सप्लाई के मामलों में पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां कार्रवाई करती हैं।
नोएडा में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रतिबंधित ई-सिगरेट की सप्लाई का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

























