दिल्ली के शाहदरा इलाके में घर में घुसकर गोली चलाने और चाकू से हमला करने के मामले में पुलिस ने चार नाबालिगों को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर पिछले साल सीमापुरी में हुई अकबर की हत्या का बदला लेने के इरादे से भीकम सिंह कॉलोनी में जावेद के घर पर हमला किया था। पुलिस ने उनके पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और दो चाकू बरामद किए हैं। घटनास्थल से 7.65 एमएम के चार खाली खोखे भी मिले हैं।
पुलिस का कहना है कि चारों आरोपी 17 साल के हैं। मामले की जांच जारी है और पुलिस हमले की योजना, हथियारों के स्रोत तथा आरोपियों के आपसी संपर्कों की पड़ताल कर रही है।

रात करीब 9:20 बजे मिली थी हमले की सूचना
डीसीपी आर. पी. मीणा के मुताबिक, 5 अक्टूबर की रात करीब 9:20 बजे फर्श बाजार थाना पुलिस को भीकम सिंह कॉलोनी के एक मकान में कुछ लोगों के घुसने और गोली चलने की सूचना मिली। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। वहां जावेद (21) घायल अवस्था में मिला। उसके बाएं हाथ में गोली लगी थी और गर्दन पर चाकू से चोट के निशान थे।
हमले में जावेद की मौसी मैमूना (31) भी घायल हुईं। पुलिस के मुताबिक, उन पर भी चाकू से वार किया गया था। दोनों घायलों को इलाज के लिए हेडगेवार अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद पुलिस ने इलाके में जांच शुरू की और घटनास्थल से मिले खाली कारतूसों समेत अन्य साक्ष्य जुटाए।
सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से पकड़े गए आरोपी
हमलावरों की पहचान के लिए पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया। पुलिस के अनुसार, 6 और 7 अक्टूबर की दरम्यानी रात संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद कार्रवाई कर चार नाबालिगों को पकड़ लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और दो चाकू बरामद किए। घटनास्थल से मिले चार खाली खोखों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले में बरामद हथियारों का इस्तेमाल हुआ था या नहीं और आरोपियों ने हथियार कहां से हासिल किए।
अकबर की हत्या का बदला लेने की कथित साजिश
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि उनका मेंटर वसीम था। पुलिस का कहना है कि वसीम शास्त्री पार्क थाने का घोषित बदमाश था और अकबर का दोस्त था। पिछले साल सीमापुरी इलाके में अकबर की हत्या हुई थी। पुलिस के अनुसार, वसीम ने कथित तौर पर अकबर की हत्या का बदला लेने के लिए नाबालिगों को उकसाया था।
हालांकि, पुलिस के मुताबिक, इस साल जनवरी में वसीम की उसके ही भतीजे ने हत्या कर दी थी। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर वसीम की इच्छा पूरी करने का फैसला किया। पुलिस इस दावे की जांच कर रही है कि हमला वाकई अकबर की हत्या का बदला लेने के लिए किया गया था और इस साजिश में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
पहले की रेकी के बाद घर में घुसकर हमला
जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने 5 अक्टूबर को जावेद के घर की रेकी की थी। पुलिस का कहना है कि घर में जावेद की मौजूदगी की पुष्टि करने के बाद आरोपी अंदर घुसे और फायरिंग तथा चाकू से हमला किया। पुलिस अब घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है और यह पता लगा रही है कि हमले से पहले आरोपियों ने किस तरह तैयारी की थी।
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए नाबालिगों में से कुछ पहले भी हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामलों में शामिल रहे हैं। हालांकि, इस मामले में उनकी भूमिका और आरोपों की पुष्टि जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी।
जांच जारी, हथियारों और साजिश की पड़ताल
शाहदरा के भीकम सिंह कॉलोनी में हुई इस वारदात के बाद पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है। इनमें हमले का मकसद, आरोपियों की भूमिका, हथियारों की उपलब्धता और कथित बदले की साजिश से जुड़े संपर्क शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, चारों नाबालिगों को घटना के कुछ घंटों के भीतर पकड़ लिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।
























