RSS की बड़ी बैठक: सरकार के कामकाज और भविष्य की रणनीति पर मंथन

RSS And BJP Meeting: आरएसएस की मूल विचारधारा के केंद्र में रहे हिंदू एकता के मुद्दे पर बैठक में गहन चर्चा हुई। सरकार से सामाजिक सद्भाव और हिंदू एकता को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों को और तेज करने को कहा गया। इसके साथ ही, संघ के शताब्दी वर्ष के बाद घोषित 'पंच परिवर्तन' (परिवार, समाज, विचार, व्यवहार और कार्य) को सरकारी स्तर पर कैसे अमल में लाया जाए, इस पर भी रणनीति बनाई गई।

मोहन यादव सरकार की कार्यशैली पर RSS की सीधी निगरानी

HIGHLIGHTS

  • सीएम हाउस में आरएसएस की बड़ी बैठक
  • मोहन सरकार के कामकाज का लिया गया 'हिसाब'
  • आरएसएस ने उत्तराखंड-गुजरात मॉडल अपनाने के दिए संकेत
  • आरएसएस के निर्देशों से मोहन सरकार की अगली रणनीति तय
  • मोहन यादव से मिले आरएसएस के सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार

RSS And BJP Meeting: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार के कामकाज की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) सीधे मैदान में उतर गया है। मुख्यमंत्री आवास (CM House) पर हुई एक उच्चस्तरीय और कथित गुप्त बैठक में संघ के सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार ने सीएम मोहन यादव और दिग्गज मंत्रियों के साथ करीब ढाई घंटे तक मंथन किया। इस बैठक में सरकार के कामकाज का फीडबैक लेने के साथ ही आने वाले समय के लिए एक नए ‘रोडमैप’ पर मुहर लगाई गई।

भाजपा और आरएसएस के बीच समन्वय की सबसे मजबूत कड़ी माने जाने वाले अरुण कुमार का सीधे संवाद सरकार के शीर्ष पदाधिकारियों से होना कई सियासी संकेत दे रहा है। यहां जानिए इस अहम बैठक में किन-किन मुद्दों पर चर्चा हुई:

UCC पर साफ संकेत: उत्तराखंड-गुजरात के मॉडल पर फोकस, आदिवासियों को मिल सकती छूट

बता दें कि बैठक का सबसे प्रमुख एजेंडा समान नागरिक संहिता (UCC) रहा। सूत्रों के अनुसार, सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार ने मध्य प्रदेश सरकार को उत्तराखंड और गुजरात में यूसीसी अधिनियम लागू करने के लिए उठाए गए कदमों की बारीकी से समीक्षा करने को कहा। चूंकि इन दोनों राज्यों में आदिवासी समुदायों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है, ऐसे में मध्य प्रदेश में भी आदिवासियों को इस कानून से छूट देने की पूरी संभावना मानी जा रही है।

हिंदू एकता और ‘पंच परिवर्तन’ को सरकारी प्राथमिकता

आरएसएस की मूल विचारधारा के केंद्र में रहे हिंदू एकता के मुद्दे पर बैठक में गहन चर्चा हुई। सरकार से सामाजिक सद्भाव और हिंदू एकता को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों को और तेज करने को कहा गया। इसके साथ ही, संघ के शताब्दी वर्ष के बाद घोषित ‘पंच परिवर्तन’ (परिवार, समाज, विचार, व्यवहार और कार्य) को सरकारी स्तर पर कैसे अमल में लाया जाए, इस पर भी रणनीति बनाई गई।

महिला आरक्षण: विपक्ष के हमलों का जवाब देने की तैयारी

नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) को लेकर भी आरएसएस ने सरकार और भाजपा संगठन के कामकाज की पोल खोली। संघ पदाधिकारियों ने अब तक इस मुद्दे पर उठाए गए कदमों की समीक्षा की। बैठक में यह स्पष्ट निर्देश दिया गया कि विपक्ष द्वारा इस बिल को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और आरोपों का करारा जवाब देने के लिए धरातल पर एक ‘व्यापक जन अभियान’ चलाया जाए।

मंत्रिमंडलीय समन्वय पर जोर

सरकार चलाने में आ रही दिक्कतों और मंत्रियों के बीच तालमेल को लेकर भी खुलकर बातचीत हुई। मंत्रिमंडलीय समन्वय को और बेहतर बनाने पर सहमति बनी।

किन दिग्गजों ने ली बैठक की कमान?

इस रणनीतिक बैठक की गरिमा इसलिए भी बढ़ी क्योंकि इसमें आरएसएस और भाजपा के तमाम शीर्ष नेता मौजूद रहे। मुख्यमंत्री मोहन यादव के अलावा संघ के क्षेत्र प्रचारक स्वप्निल कुलकर्णी, भाजपा के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शिरकत की।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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