Delhi News:केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने मंगलवार को दिल्ली में तैनात एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर के 7 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल दिल्ली सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों को प्रभावित करेगा। इन अधिकारियों को दिल्ली से हटाकर जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी, मिजोरम और चंडीगढ़ जैसे विभिन्न केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
जम्मू-कश्मीर पर विशेष फोकस, तीन अफसर रवाना
प्रशासनिक गलियारों में इस फेरबदल को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में। गृह मंत्रालय ने दिल्ली में तैनात तीन वरिष्ठ अधिकारियों— विवेक अग्रवाल, आशा चौधरी मल्होत्रा और विकास अहलावत को तुरंत प्रभाव से जम्मू-कश्मीर भेजने का आदेश दिया है। माना जा रहा है कि घाटी में चल रहे विकास कार्यों को गति देने और प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने के मद्देनजर इन अनुभवी अधिकारियों की तैनाती की गई है।
पुडुचेरी, मिजोरम और चंडीगढ़ में भी नई तैनाती
गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची के अनुसार, अन्य चार अधिकारियों की भी पोस्टिंग की गई है।
- राजीव शुक्ला और अनूप ठाकुर को दिल्ली से हटाकर पुडुचेरी भेजा गया है।
- सौम्यकेतु मिश्रा को मिजोरम की जिम्मेदारी दी गई है।
- डी. कार्तिकेयन को चंडीगढ़ में नई तैनाती दी गई है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी तबादले सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
15 दिन के भीतर कार्यमुक्त होने के सख्त निर्देश
गृह मंत्रालय के अवर सचिव राकेश कुमार सिंह के हस्ताक्षरित इस आदेश में नियमों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया है। आदेश में स्पष्ट हिदायत दी गई है कि सभी संबंधित अधिकारियों को तबादला आदेश जारी होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर दिल्ली से कार्यमुक्त (Relieved) होना अनिवार्य है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि ज्वाइनिंग की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके, इस आदेश की प्रति दिल्ली के मुख्य सचिव के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी, मिजोरम और चंडीगढ़ के मुख्य सचिवों को भेज दी गई है।
दिल्ली सरकार के विभागों पर पड़ेगा असर
एक साथ सात वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के दिल्ली से बाहर जाने से राजधानी के प्रशासनिक ढांचे पर असल में क्या असर पड़ेगा, इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इन अधिकारियों के कार्यमुक्त होने के बाद दिल्ली सरकार के कई अहम विभागों में बड़े पद खाली होंगे। प्रशासनिक सुचारूता बनाए रखने के लिए माना जा रहा है कि केंद्र सरकार जल्द ही इन रिक्त पदों पर नई नियुक्तियों का ऐलान कर सकती है।

























