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सीएम रेखा गुप्ता की पहल से हर्ष विहार में लौटी रोशनी

Delhi News: पीड़ित परिवारों की बातें सुनकर सीएम रेखा गुप्ता काफी प्रभावित हुईं। उन्होंने तुरंत मामले की गंभीरता को समझा और यह सुनिश्चित किया कि इस लंबित समस्या का कोई सिस्टमेटिक समाधान निकाला जाए। उनके चेहरे पर लोगों के दर्द को लेकर चिंता साफ झलक रही थी।

6 साल का इंतजार खत्म: हर्ष विहार के 36 परिवारों को मिली बिजली

HIGHLIGHTS

  • जनसुनवाई में उठी आवाज, घंटों में हुआ समाधान
  • हर्ष विहार A-3 में बिजली कनेक्शन का सपना हुआ सच
  • सीएम रेखा गुप्ता के निर्देश पर मिशन मोड में हुई कार्रवाई
  • अंधेरे से उजाले तक: 36 परिवारों की संघर्ष गाथा
  • 2018 से लंबित समस्या का हुआ स्थायी समाधान

Delhi News: बिजली एक आम नागरिक की मूलभूत जरूरत है, लेकिन जब यह सुविधा वर्षों तक सिर्फ एक सपना बनकर रह जाती है, तो जीवन थम सा जाता है। ऐसा ही एक कष्टदायक अनुभव हर्ष विहार (A-3) ब्लॉक के 36 परिवारों का था, जो बीते छह लंबे वर्षों से बिजली कनेक्शन के लिए भटक रहे थे। लेकिन आज, सीएम रेखा गुप्ता की सराहनीय पहल और तत्परता के चलते उनके जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आया है। सीएम रेखा गुप्ता द्वारा आज लिए गए त्वरित निर्णय से न केवल इन परिवारों के घरों में बिजली की रोशनी लौटी है, बल्कि उनके चेहरों पर भी खुशियों की रोशनी देखने को मिली है।

छह साल की लंबी और थकाऊ लड़ाई

यह कोई आम मामला नहीं था। हर्ष विहार A-3 सेक्टर में रहने वाले ये 36 परिवार वर्ष 2018 से अपने क्षेत्र में बिजली कनेक्शन के लिए संघर्ष कर रहे थे। छह वर्षों के इस लंबे अरसे में उन्होंने स्थानीय अधिकारियों, बिजली विभाग के कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। बिना बिजली के जीवन यापन करना आज के आधुनिक युग में एक बड़ी चुनौती है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर गृहणियों के दैनिक कामों, गर्मी में ठंडक से लेकर सुरक्षा तक—हर चीज प्रभावित थी। ये परिवार अपनी ही राजधानी में विकास की मुख्यधारा से कटे हुए महसूस कर रहे थे।

जनसुनवाई: आवाज तक पहुंचने का माध्यम

सीएम रेखा गुप्ता की ‘जनसुनवाई’ कार्यक्रम ने इन लोगों के लिए एक नई किरण का काम किया। यह कार्यक्रम आम जनता की समस्याओं को सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का एक मंच है। आज हुई इस जनसुनवाई के दौरान, जब ये 36 परिवार अपनी पीड़ा लेकर सामने आए, तो माहौल भावुक हो गया। लोगों ने बताया कि कैसे 2018 से लेकर अब तक उन्हें बार-बार आश्वासन दिया गया, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ भी नहीं बदली।

पीड़ित परिवारों की बातें सुनकर सीएम रेखा गुप्ता काफी प्रभावित हुईं। उन्होंने तुरंत मामले की गंभीरता को समझा और यह सुनिश्चित किया कि इस लंबित समस्या का कोई सिस्टमेटिक समाधान निकाला जाए। उनके चेहरे पर लोगों के दर्द को लेकर चिंता साफ झलक रही थी। उन्होंने तत्काल संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मामले को अब और लटकाया नहीं जाएगा।

मिशन मोड: त्वरित कार्यवाही और कनेक्शन

सीएम रेखा गुप्ता के निर्देशों के बाद प्रशासनिक मशीनरी में एक अलग ही गति आ गई। मामले को ‘मिशन मोड’ पर लिया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सर्वे किया और तत्काल प्रभावी कदम उठाए। बिजली कनेक्शन की सबसे बड़ी रुकावट ट्रांसफार्मर की कमी या क्षमता की समस्या थी, जिसे दूर किया गया।

सीएम रेखा गुप्ता के कड़े निर्देशों और निरंतर मॉनिटरिंग के चलते एक नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया गया है। ट्रांसफार्मर लगते ही वहां बिजली आपूर्ति की लाइनें सक्रिय हो गई हैं। अब इन 36 परिवारों को नए बिजली कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं। यह पूरी प्रक्रिया इतनी तेज गति से पूरी हुई कि लोग खुद को विश्वास ही नहीं कर पा रहे हैं। छह साल की तकलीफ जो कुछ घंटों की सकारात्मक कार्यवाही में बदल गई।

जन कल्याण में सरकार की प्रतिबद्धता

यह पूरा मामला सरकार की ‘जन कल्याणकारी’ नीतियों और ‘प्रथम जनता’ (People First) के सिद्धांत को दर्शाता है। सीएम रेखा गुप्ता ने साबित किया है कि जब सरकार में इरादे नेक हों, तो बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान संभव है। उन्होंने सिर्फ कागजों पर आदेश पारित नहीं किए, बल्कि भौतिक स्तर पर बदलाव देखने के लिए अधिकारियों को मैदान में उतारा।

हर्ष विहार के निवासियों के लिए यह केवल बिजली कनेक्शन नहीं है, बल्कि यह सरकार के प्रति उनके विश्वास का पुनर्निर्माण भी है। अब वे महसूस करते हैं कि उनकी सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी सुनती है।

उजाले की ओर एक नई शुरुआत

आज जब हर्ष विहार A-3 की गलियों में बल्ब जलेंगे, तो वहां का माहौल बदल जाएगा। बच्चे अब अंधेरे में पढ़ाई नहीं करने को मजबूर होंगे। गर्मी के दिनों में पंखे और कूलर चलेंगे, जिससे जीवन सुगम होगा। महिलाएं घरेलू कामों में आसानी महसूस करेंगी। यह विकास की वो कहानी है, जो सिर्फ सड़कें और इमारतें नहीं, बल्कि आम आदमी के जीवन को बेहतर बनाने से शुरू होती है।

सीएम रेखा गुप्ता का यह कदम दूसरे अधिकारियों और विभागों के लिए भी एक मिसाल है। इससे संदेश जाता है कि जनता की समस्याओं को हल करने में कोई देरी नहीं की जानी चाहिए। जनसुनवाई जैसे मंच का सच्चा अर्थ तब सामने आता है, जब उस पर सुनी गई शिकायतें जमीनी हकीकत बनकर उभरती हैं।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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