World No Tobacco Day 2026 news: विश्व तंबाकू निषेध दिवस अवसर पर आज कानपुर में एक ऐसा मंच सजा, जहां बच्चों के आंसू और उनके बचपन को बचाने का संकल्प सुनाई दिया। ज्योति बाबा के नशा मुक्ति परिवार आंदोलन के तहत सोसाइटी योग ज्योति इंडिया व सूर्योदय फाउंडेशन प्रयागराज के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित राष्ट्रीय ई-संगोष्ठी ने समाज की नींद उड़ा दी। संगोष्ठी का विषय था- ‘क्या तंबाकू सिगरेट बच्चों का बचपन खत्म कर रहे हैं?’ जिसके उत्तर में आंदोलन के प्रणेता श्री श्री ज्योति बाबा ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए कहा कि तंबाकू अब लत नहीं, बल्कि बच्चों के बचपन की कब्र बन चुका है और बन भी रहा है।
स्कूल के बाहर बिक रहा मौत
योग गुरु ज्योति बाबा ने बताया कि आज का दौर बच्चों के लिए काफी खतरनाक हो गया है। भारत में 13 से 15 साल के 14.6 प्रतिशत बच्चे किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन कर रहे हैं। उन्होंने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि स्कूल के गेट पर टॉफी के साथ कैंसर बिक रहा है। आधुनिकता के नाम पर ई-सिगरेट और फ्लेवर्ड हुक्का ने किशोरों को ‘स्टाइल’ का नाम देकर मौत का पहला कश लेना सिखा दिया गया है। ज्योति बाबा ने कहा कि जिस उम्र में बच्चे के हाथ में किताब होनी चाहिए, वहां सिगरेट क्यों आ रहे है?”
कार्यक्रम का सबसे दर्दनाक पहलू तब सामने आया जब एक मां गीता देवी मंच पर फूट-फूटकर रो पड़ीं। उन्होंने अपना दर्द बयान करते हुए कहा कि जिस बेटे को मैंने पढ़ा-लिखाकर डॉक्टर बनाने का सपना देखा था वो आज वह नशे की पुड़िया के लिए मेरे सामने हाथ फैलाता है। मां की इस व्यथा ने पूरे सभागार में सन्नाटा पैदा कर दिया। इस अवसर पर ज्योति बाबा ने सभी को बचपन बचाने की शपथ दिलाए।
आंकड़े जो रोंगटे खड़े कर दें
फाउंडर धीरेंद्र राय ने स्वास्थ्य के आंकड़े रखते हुए बताया कि तंबाकू से हर साल भारत में 13 लाख से अधिक मौतें होती हैं और इसकी शुरुआत 70 प्रतिशत मामलों में 18 साल की उम्र से पहले हो जाती है। वरिष्ठ समाजसेवी व हिंदू जागरण मंच के प्रांत प्रमुख पियूष रंजन सनातनी ने बताया कि निकोटिन बच्चों के मस्तिष्क के विकास को रोकता है। इससे बच्चों का ध्यान पढ़ाई से हटकर अपराध की तरफ जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हमने अभी सचेत नहीं हुआ तो यह नशा हमारी अगली पीढ़ी को तबाह कर देगा।
इस अवसर पर संस्था के राष्ट्रीय निदेशक योग गुरु ज्योति बाबा ने कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को पगड़ी, अंग वस्त्र और माला पहनाकर विशेष रूप से सम्मानित किया। अपने संबोधन में मंत्री राकेश सचान ने कहा कि उत्तर प्रदेश के बच्चों को तंबाकू के रोग से बचाने के लिए ज्योति बाबा जी द्वारा पिछले 35 वर्षों से चलाया जा रहा अभियान अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे इस पुनीत कार्य में हर स्तर पर सहयोग करेंगे।
5 सूत्रीय बचपन बचाओ संकल्प
राष्ट्रीय अटल आरोग्य संघ के अध्यक्ष डॉक्टर अतुल कुमार मिश्रा ने संगोष्ठी में एक क्रांतिकारी ‘पांच सूत्रीय बचपन बचाओ संकल्प’ प्रस्तुत किया, जिसे तत्काल लागू करने पर जोर दिया गया:
- स्कूल और कॉलेज के 500 मीटर के दायरे में तंबाकू की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लागू होना चाहिए।
- अभिभावकों को हर सप्ताह बच्चों के बैग और उनकी संगत (दोस्तों) की जांच करनी चाहिए।
- हर मोहल्ले में ‘ज्योति बाबा का नशा मुक्ति परिवार आंदोलन’ समिति का गठन किया जाए।
- सरकार से मांग की जाए कि तंबाकू पैकेट पर जानलेवा बड़ी चेतावनी और प्लेन पैकेजिंग अनिवार्य की जाए।
- सोशल मीडिया पर ‘मेरा बच्चा- ज्योति बाबा का नशा मुक्ति परिवार आंदोलन’ अभियान चलाया जाए।
ज्योति बाबा ने मीडिया से की अपील
अपने विचारों को बताते हुए ज्योति बाबा ने मीडिया से एक भावनात्मक अपील की है कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के सुशासन का सपना तभी पूरा होगा, जब हर घर नशा मुक्त होगा। सोता हुआ रामराज्य जगाने के लिए पहले बच्चों का बचपन जगाना होगा। उन्होंने मीडिया से आह्वान किया कि वे अपनी कलम की स्याही का इस्तेमाल बच्चों के खून को बचाने के लिए करें।
डॉक्टर सुलोचना दीक्षित व सुश्री गीता ने संयुक्त रूप से कहा कि हमें अपने घर, मोहल्ले और शहर को तंबाकू मुक्त बनाना ही होगा। बच्चों को नशे की नहीं, बल्कि संस्कारों की घुट्टी पिलानी होगी। कार्यक्रम के अंत में श्री श्री ज्योति बाबा ने सभी प्रतिभागियों को तंबाकू मुक्त बचपन बनाने की शपथ दिलाकर इस महाअभियान का समापन किया, लेकिन यह जागरण अब समाज के हर कोने में गूंजने लगा है।





















