सत्य ऋषी
रंगों का त्योहार होली का आगाज़ हो चुका है। होली से ठीक 8 दिन पहले ‘होलाष्टक’ की शुरुआत हो जाती है, जिसे हिंदू धर्म में विशेष महत्व प्राप्त है। इस बार होलाष्टक 24 फरवरी, मंगलवार से शुरू हो रहा है और इसका समापन 3 मार्च को होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलाष्टक के दौरान नकारात्मक शक्तियां सक्रिय हो जाती हैं, इसलिए इस दौरान शुभ और मांगलिक कार्यों से परहेज किया जाता है।
होलाष्टक क्यों माना जाता है अशुभ?
होली के त्योहार से पहले के यह 8 दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए उचित नहीं माने जाते। माना जाता है कि इस दौरान किए गए मांगलिक कार्यों से वांछित फल की प्राप्ति नहीं होती है। इसी वजह से घर में शादी-विवाह, गृह प्रवेश या नए व्यापार जैसे कार्यों को टाल दिया जाता है।
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इन शुभ कार्यों से करें परहेज
होलाष्टक के दौरान निम्नलिखित कार्यों को न करने की सलाह दी जाती है:
- शादी-विवाह, सगाई, रोका या विदाई।
- गृह प्रवेश और भूमि पूजन।
- नया व्यापार या व्यवसाय शुरू करना।
- नया घर, वाहन खरीदना या बड़े आर्थिक निवेश से बचना।
- मुंडन संस्कार।
- नई नौकरी जॉइन करना या महत्वपूर्ण यात्रा पर निकलना।
कैसे करें नकारात्मकता का नाश? पाएं ये 5 शक्तिशाली उपाय
भले ही होलाष्टक में शुभ कार्य वर्जित हों, लेकिन इस दौरान कुछ सरल उपाय अपनाकर घर और वातावरण को सकारात्मक और शुद्ध रखा जा सकता है। यहां जानें कुछ प्रभावी उपाय:
- गंगाजल का करें छिड़काव
होलाष्टक में नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बढ़ जाता है। इससे बचाव के लिए प्रतिदिन स्नान के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करें। ऐसा करने से वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। - धूप-दीप से करें शुद्धि
सुबह और शाम घर में गुग्गुल, लोबान, धूप या कपूर जलाना अत्यंत लाभदायक माना गया है। इससे वातावरण में सकारात्मकता का संचार होता है और बुरी शक्तियां दूर भागती हैं। - मुख्य द्वार पर हल्दी-कुमकुम का प्रयोग
घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर हल्दी और कुमकुम लगाने या छिड़कने से नकारात्मक शक्तियों का घर में प्रवेश रुकता है। यह उपाय घर की रक्षा के लिए किया जाता है। - करें हनुमान चालीसा का पाठ
प्रतिदिन श्रद्धा और भक्ति के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करना इस दौरान बहुत शुभ माना जाता है। आप इसे 11, 21 या 108 बार पढ़ सकते हैं। ऐसा करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। - दान-पुण्य करें
इस अवधि में जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करना चाहिए। दान करने से जीवन में समृद्धि आती है और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
























