ऋषी तिवारी
इस्कॉन (ISKCON) नोएडा में आज रविवार को गौर पूर्णिमा महोत्सव की त्रिदिवसीय श्रृंखला का भव्य शुभारम्भ हुआ। पहले दिन गौर कथा, भगवान का पुष्प अभिषेक एवं फूलों की होली का आयोजन अत्यंत भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में आगामी 3 मार्च को श्री चैतन्य महाप्रभु का आविर्भाव दिवस ‘गौर पूर्णिमा’ बड़े हर्षोल्लास एवं आध्यात्मिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा।
मंगल दर्शन और विशेष प्रवचन से हुआ आरंभ
कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रातः 4:30 बजे भगवान के मंगल दर्शन के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रातः 8 बजे श्रील प्रभुपाद के निजी शिष्य एवं इस्कॉन के वरिष्ठ आचार्य परम पूज्य लोकनाथ स्वामी महाराज ने भगवान चैतन्य महाप्रभु के आविर्भाव पर विशेष प्रवचन दिया। अपने प्रवचन के दौरान उन्होंने बताया कि 540 वर्ष पूर्व जब कलियुग में अधर्म की वृद्धि हो रही थी और धार्मिक आचरण केवल औपचारिकता बनकर रह गया था, तब स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने चैतन्य महाप्रभु के रूप में प्रकट होकर हरिनाम संकीर्तन के माध्यम से वास्तविक धर्म, प्रेम एवं भक्ति की स्थापना की। उन्होंने चैतन्य महाप्रभु की विविध लीलाओं का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को उनके उपदेशों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
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1100 किलो पुष्पों से हुआ भगवान का अभिषेक
कथा के उपरांत श्री श्री राधा गोविन्द देव जी का ग्यारह सौ किलो (1100 किलो) ताजे एवं सुगंधित पुष्पों से अभिषेक किया गया। सम्पूर्ण मंदिर परिसर को विविध पुष्पों एवं आकर्षक सज्जा से अलंकृत किया गया था, जबकि भगवान का विशेष पुष्प-श्रृंगार दर्शकों का मन मोह लेने वाला था। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय कीर्तन की मधुर ध्वनि वातावरण में गुंजायमान रही, जिससे उपस्थित श्रद्धालु कृष्ण-प्रेम में भावविभोर हो उठे। अनेक भक्त मधुर संकीर्तन पर नृत्य करते हुए भक्ति-रस में मग्न दिखाई दिए।
फूलों की होली ने बांधा समां
इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने फूलों की होली का आनंद लिया, जो गौड़ीय वैष्णव परंपरा में गौर पूर्णिमा के उत्सव का विशेष अंग है। इस अनूठे आध्यात्मिक उत्सव में लगभग 2000 श्रद्धालुओं ने सहभागिता की और भगवान की कृपा प्राप्त की। कार्यक्रम के अंत में सभी भक्तों के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई।
























