संदीप कुमार गर्ग
बी.एल. वर्मा, जो वर्तमान में भारत सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत हैं, ने आज फर्स्टवन रिहैब फाउंडेशन का दौरा किया। अपने इस विशेष दौरे के दौरान उन्होंने फाउंडेशन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विशेष बच्चों द्वारा बनाए गए आकर्षक दीये और मोमबत्तियों को देखकर गहरी सराहना व्यक्त की।
दौरे के दौरान बच्चों की रचनात्मकता और कौशल ने मंत्री को खासा प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल न केवल बच्चों की प्रतिभा को निखारती है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित करती है।
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सुश्री सुर्भी जैन ने दी जानकारी
फाउंडेशन की सेंटर मैनेजर सुश्री सुर्भी जैन ने जानकारी देते हुए बताया, “यह गतिविधि केवल व्यावसायिक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विशेष बच्चों के लिए एक थेरैप्यूटिक गतिविधि भी है, जो उन्हें खुशी और आत्म-अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान करती है। दीये और मोमबत्तियाँ बनाते समय बच्चे अपनी सूक्ष्म मोटर स्किल्स को विकसित करते हैं और साथ ही उनमें सहयोग, धैर्य एवं आनंद की भावना भी विकसित होती है।”
बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की भूमिका
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनमें आत्मविश्वास एवं आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अंत में, केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा ने फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए पूरी टीम को उनके सराहनीय कार्यों के लिए बधाई दी और भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं।























