Delhi News: दिल्ली में आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल और सदर्न रेंज की संयुक्त टीम ने पूर्वी दिल्ली के मधु विहार इलाके में छापेमारी कर नकली ‘ईनो’ (ENO) और ‘नेस्कैफे’ (Nescafe) कॉफी पाउडर बनाने के दो अवैध कारखानों का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बाजार में जाने से पहले करीब 20 लाख रुपये का नकली माल बरामद किया गया है।
सेहत के लिए जहर बन रहा था नकली ईनो
पुलिस की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पिछले दो महीनों से मधु विहार में किराए पर लिए गए दो फ्लैटों को इस अवैध धंधे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। आरोपियों ने नकली ईनो बनाने के लिए खतरनाक केमिकल और एसिड का इस्तेमाल किया, जिसे सीधे तौर पर लोगों की सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह माना जा रहा है। वहीं, घटिया और मिलावटी कॉफी पाउडर को ‘नेस्कैफे’ के ब्रांड नाम से पैक किया जा रहा था।
ठगी को सफल बनाने के लिए आरोपियों ने असली कंपनियों जैसे बिल्कुल हूबहू पैकेट, रैपर, बॉक्स और स्टिकरों का इस्तेमाल किया, ताकि आम ग्राहक उन्हें पहचान न सके। तैयार किए गए इस नकली और जहरीले माल को थोक और रिटेल सप्लाई चेन के जरिए दिल्ली-एनसीआर समेत अन्य राज्यों में भेजा जा रहा था।
छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस टीम ने छापेमारी के दौरान मौके से सैकड़ों किलो कच्चा माल, पैकेजिंग मशीनें, फॉयल रोल और भारी मात्रा में नकली पैकिंग सामग्री बरामद की है। इस दौरान मौके पर मौजूद उत्तम दास और पापई दास को गिरफ्तार किया गया।
मास्टरमाइंड समेत चार अभियुक्त चढ़े पुलिस के हत्थे
दोनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस को इस गिरोह के मास्टरमाइंड के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने नितिन भारद्वाज को देहरादून से और संजय बंसल को कश्मीरी गेट के पास से गिरफ्तार किया।
इस मामले में कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया। कंपनी के एक्सपर्ट्स ने मौके पर आकर जांच की और पुलिस को लिखित रूप से पुष्टि की कि जब्त किया गया सामान पूरी तरह से नकली है और इसका उनकी कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है।
पुलिस ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
डीसीपी क्राइम ब्रांच राहुल अलवाल ने इस मामले पर कहा, “यह एक संगठित गिरोह था, जो लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर अवैध मुनाफा कमा रहा था। ऐसे लोगों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।” उन्होंने आम जनता से भी अपील करते हुए कहा कि ऐसे सस्ते और नकली सामानों से सावधान रहें।
पुलिस ने इस मामले में IPC और कॉपीराइट एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन की जांच की जा रही है और जल्द ही इस गिरोह के अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।
























