War again in the Middle East: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के फुजैराह में स्थित एक प्रमुख पेट्रोलियम औद्योगिक साइट पर ईरान की तरफ से किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों से भयंकर आग लग गई है। यह हमला अमेरिका-ईरान के बीच हाल में लागू हुए युद्धविराम के बाद सबसे बड़ी घटना मानी जा रही है, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव की लहर दौड़ गई है।
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि ईरान की ओर से दागी गई चार मिसाइलों में से तीन को एयर डिफेंस सिस्टम ने नष्ट कर दिया, जबकि एक मिसाइल समुद्र में गिर गई।
यूएई की एयर डिफेंस सिस्टम ने दी मुंहतोड़ जवाब
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी आधिकारिक बयान में कहा, “रक्षा मंत्रालय पुष्टि करता है कि देश के विभिन्न हिस्सों में सुनाई देने वाली तेज आवाजें यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन हमलों को रोकने की वजह से है।” मंत्रालय ने यह भी बताया कि सुरक्षा बल पूरी तरह से चौकस है और स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
फुजैराह पोर्ट की सामरिक अहमियत और भयंकर आग
फुजैराह के मीडिया कार्यालय के अनुसार, ईरानी ड्रोन हमले के बाद पेट्रोलियम साइट में आग लग गई। आग पर काबू पाने के लिए तत्काल नागरिक सुरक्षा दल (सिविल डिफेंस) को मौके पर तैनात किया गया है।
बता दें कि फुजैराह पोर्ट की सामरिक अहमियत बेहद अधिक है। यह वह अंतिम छोर है, जहां से यूएई होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करके तेल की आपूर्ति करता है। ईरान से जंग के दौरान या होर्मुज स्ट्रेट में किसी खतरे की स्थिति में यूएई इसी रूट का इस्तेमाल अपने तेल को सुरक्षित निकालने के लिए करता है। इस हमले से वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं।
युद्धविराम के बाद पहला अलर्ट
सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह हमला अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू होने के बाद सामने आया है। यूएई के राष्ट्रीय आपातकालीन संकट और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लगातार दो नए मिसाइल अलर्ट जारी किए हैं। आज जारी किए गए ये अलर्ट युद्धविराम के बाद अपनी तरह के पहले अलर्ट हैं, जिससे संकेत मिलता है कि ईरान पर किसी भी तरह के समझौते का असर नहीं हो रहा है।
हवाई संपर्क बाधित: दुबई-शारजाह की उड़ानें रद्द
ईरान के हमले का असर नागरिक विमानन पर भी भारी पड़ा है। फ्लाइटराडार24 (Flightradar24) की रिपोर्ट के अनुसार, मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण यूएई के प्रमुख हवाई अड्डों दुबई और शारजाह जाने वाली कई उड़ानों को फिलहाल रद्द कर दिया गया है या उन्हें अन्य रास्तों पर मोड़ दिया गया है (Diverted)।
इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है। अगर यूएई जैसे देश पर ईरान के हमले जारी रहे, तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर देखने को मिल सकता है।


























