UP News: उत्तर प्रदेश के रामपुर में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। बीमा क्लेम के लालच और अवैध संबंधों के चक्कर में एक पति ने अपनी पत्नी और 3 साल के मासूम बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी पति ने पहले अपनी पुलिसकर्मी पत्नी और बेटे को नशीली गोलियां खिलाकर कार में बंद कर आग लगा दी और फिर जिंदा बच निकलने पर पत्नी के सिर पर हथौड़ी से वार कर उसकी जान ले ली।
यह पूरा मामला 25 फरवरी को नैनीताल हाईवे पर एक सड़क दुर्घटना का रूप ले रहा था, लेकिन पुलिस की सख्त जांच में इस सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश हुआ है।
क्या था पूरा षड्यंत्र?
पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुमेंद्र मीणा के मुताबिक, मृतका लता रामपुर पुलिस में कॉन्स्टेबल थीं। उनके पति दान सिंह ने शुरूआत में पुलिस को गुमराह करते हुए दावा किया था कि एक अज्ञात वाहन की टक्कर से यह हादसा हुआ। हालांकि, जब मौके और शवों को गहराई से जांचा गया तो सच सामने आ गया।
जांच में पता चला कि दान सिंह ने अपने साथियों—नूर हसन और सलमान के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। एसपी ने बताया कि दान सिंह ने सोची-समझी साजिश के तहत पत्नी लता और तीन वर्षीय बेटे आवांश को कार में बिठाया और उन्हें नशीली गोलियां खिला दीं। जैसे ही दोनों बेहोश हुए, आरोपी ने कार पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
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कार से बाहर निकली पत्नी, तो हथौड़ी से उतारा मौत का तड़का
नशे की हालत में भी लता किसी तरह कार का दरवाजा खोलकर बाहर निकलने में कामयाब हो गईं, लेकिन 3 साल का मासूम आवांश कार के अंदर ही जिंदा जलकर मौत का शिकार हो गया।
पुलिस जांच में सबसे ज्यादा खौफनाक वारदात तब सामने आई, जब लता ने अपनी जान बचाई। दान सिंह ने जब देखा कि उसकी पत्नी जिंदा है, तो उसने उसे अस्पताल ले जाने के बहाने कार में बिठाया। रास्ते में ही उसने कार में रखे हथौड़ी से लता के सिर पर जोरदार प्रहार किया। इस वार से लता गंभीर रूप से घायल हो गईं और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
बीमा के साथ-साथ था ‘अवैध संबंध’ का भी शक
इस दोहरे हत्याकांड के पीछे मुख्य वजह आर्थिक लालच बताया जा रहा है। दान सिंह अपनी पत्नी की मौत को सड़क हादसे का रूप देकर उसके बीमा क्लेम और सरकारी लाभों (जैसे मुआवजा और नौकरी) पर हाथ साफ करना चाहता था। हालांकि, पुलिस सूत्रों के अनुसार, दान सिंह का किसी अन्य महिला के साथ अवैध संबंध भी इस नृशंस हत्या की एक प्रमुख वजह हो सकता है।
पुलिस ने किए गिरफ्तार, 2 अभी भी फरार
इस साजिश में दान सिंह के अलावा उसके चार और साथी शामिल थे। पुलिस ने बताया कि नूर हसन ने इस अपराध के लिए गाड़ी का इंतजाम किया, जबकि सलमान ने वारदात को अंजाम देने के लिए पेट्रोल की व्यवस्था की। वहीं, रवि और प्रदीप भी इस मामले में शामिल थे।
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फिलहाल, रामपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी दान सिंह, नूर हसन और सलमान को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस टीमें अभी भी फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों—रवि और प्रदीप की तलाश में जुटी हुई हैं। पुलिस मामले को त्वरित गति से अदालत में चार्जशीट करने की तैयारी में है, ताकि इस क्रूरतम अपराध को सख्त से सख्त सजा मिल सके।
























