Delhi Ramlila News: दिल्ली में आगामी त्योहारी सीजन को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। देशभर में प्रसिद्ध दिल्ली की रामलीलाओं को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष भी रामलीला आयोजकों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने आश्वासन दिया है कि मंचन स्थलों की उपलब्धता से लेकर सफाई और सुरक्षा तक, हर छोटी-बड़ी जरूरत को पूरा करने में नगर निगम पूरी तरह से मुस्तैद रहेगा। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
श्री रामलीला महासंघ ने रखी अपनी मांगें
दिल्ली की समस्त रामलीला कमेटियों के सर्वोच्च संस्था ‘श्री रामलीला महासंघ’ के एक प्रतिनिधिमंडल ने निगम आयुक्त से आधिकारिक मुलाकात की। इस वार्ता का नेतृत्व महासंघ के प्रेसिडेंट अर्जुन कुमार ने किया और इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए रामलीला से जुड़ी उन सभी चुनौतियों और आवश्यकताओं को रखा, जिनका समाधान समय रहते निकाला जाना अनिवार्य है।
अर्जुन कुमार ने आयुक्त के समक्ष स्पष्ट मांग उठाई कि लीला मंचन की भव्य तैयारियों को देखते हुए नगर निगम के सभी ग्राउंड आयोजकों को कम से कम 40 दिन पहले ही उपलब्ध करा दिए जाएं। यह ध्यान रखना जरूरी है कि रामलीला का मंचन कोई छोटा कार्यक्रम नहीं है। इसमें विशाल और ऊंचे मचानों का निर्माण, जटिल लाइटिंग सेटअप, साउंड सिस्टम लगाना और दर्शकों के बैठने की व्यवस्था करना शामिल होता है।
ब्यूरोक्रेसी को कम करने के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ की मांग
पिछले सालों का अनुभव सामने आते हुए महासंघ ने एक बहुत ही सकारात्मक सुझाव दिया। महामंत्री श्री सुभाष गोयल ने बताया कि क्षेत्रीय जोनल ऑफिसों में रामलीला से संबंधित सभी अनुमतियों के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ को लागू किया जाए। इससे आयोजकों को एक-एक काम के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और एक ही जगह से उनका सारा काम निपटाया जा सकेगा।
श्री रामलीला महासंघ के महामंत्री श्री सुभाष गोयल ने इस बात की जानकारी भी दी कि इस वर्ष का रामलीला मंचन समारोह 11 अक्टूबर से शुरू होकर 21 अक्टूबर तक चलेगा। वहीं, इस पूरे उत्सव का सबसे बड़ा और अंतिम चरण—दशहरा पर्व समारोह—20 अक्टूबर 2026 के दिन धूमधाम से मनाया जाएगा, जिसमें अनेकों विशाल रावण दहन कार्यक्रम आयोजित होंगे।
निगम आयुक्त ने दिया पूर्ण आश्वासन
इन सभी औपचारिक मांगों और सुझावों को बेहद ध्यानपूर्वक सुनने के बाद, निगम आयुक्त श्री संजीव खिरवार ने प्रतिनिधिमंडल को पूर्ण विश्वास दिलाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दिल्ली की इन ऐतिहासिक और धार्मिक रामलीलाओं को एमसीडी (MCD) का पूर्ण और निस्वार्थ सहयोग प्राप्त होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी प्रभु श्री राम की लीलाएं बिल्कुल सुचारू, सुरक्षित और भव्य रूप से संपन्न होंगी।
इस उच्च-स्तरीय बैठक के अंत में प्रशासन और आयोजकों के बीच सांस्कृतिक सम्मान का एक बेहद खूबसूरत क्षण देखने को मिला। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों—अर्जुन कुमार, सुभाष गोयल, जत्थेदार अवतार सिंह और संजय जैन—ने निगम आयुक्त श्री संजीव कुमार को उनकी इस पहल के लिए धन्यवाद देते हुए स्मृति चिन्ह भेंट किए।
इन उपहारों में साक्षात शक्ति के प्रतीक माने जाने वाले हनुमान जी की पवित्र गदा, प्रभु श्री राम का एक विशेष स्मृति चिन्ह और पवित्र रामायण की प्रति शामिल थी। इस गदा का उपहार देने के पीछे आशय यह था कि प्रशासन को भी रामलीला को सफल बनाने के लिए उसी तरह की शक्ति और दृढ़ संकल्प के साथ काम करना चाहिए, जैसा कि हनुमान जी भगवान राम के कार्यों में करते थे।






















