दिल्ली में कॉकरोच पार्टी का बवाल, 16 मेट्रो स्टेशन बंद

कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अनहोनी से बचने के लिए गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस की मांग पर सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPF) की 30 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दे दी है।

लाठीचार्ज से नहीं डटे प्रदर्शनकारी, दिल्ली में तैनात हुई CRPF

HIGHLIGHTS

  • कॉकरोच पार्टी का बवाल, पुलिस ने छोड़ी आंसू गैस बारिश
  • दिल्ली अलर्ट: 16 मेट्रो सील, अब भारी सुरक्षा बल तैनात
  • गृह मंत्रालय सख्त: 30 नई कंपनियां अब दिल्ली में तैनात
  • कॉकरोच पार्टी का तांडव: 16 मेट्रो बंद, दिल्ली पुलिस बेचैन
  • हिंसक संसद मार्च: दिल्ली में अब तैनात होंगी 30 कंपनियां

Delhi Protest Live Updates: दिल्ली में एक बार फिर से विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ द्वारा आहूत जारी धरने और प्रदर्शन ने बुधवार को भी अपनी गहराई पकड़ ली है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है, जिसे देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह से हाई अलर्ट पर है। सोमवार को ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई हिंसक झड़पों के बाद से ही अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। अब सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने बड़ा फैसला लिया है।

गृह मंत्रालय का बड़ा फैसला

कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अनहोनी से बचने के लिए गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस की मांग पर सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (CAPF) की 30 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दे दी है। यह तैनाती तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है और ये जवान 27 जुलाई तक दिल्ली की सड़कों पर नजर आएंगे।

सूत्रों के अनुसार, इन जवानों को विशेष विमानों (एयरलिफ्ट) के जरिए दिल्ली के अलग-अलग संवेदनशील इलाकों में उतारा जा रहा है। इनके हाथ में दंगा-रोधी आधुनिक उपकरणों के साथ-साथ उस खास इलाके के हिसाब से तय किए गए हथियार और गोला-बारूद भी दिया गया है, ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

किस फोर्स की कितनी कंपनियां आ रही हैं?

अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इन 30 अतिरिक्त कंपनियों में सबसे बड़ा हिस्सा सीआरपीएफ (CRPF) का है। इसमें 18 कंपनियां सीआरपीएफ की हैं। वहीं, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की 6 कंपनियां, बीएसएफ (BSF) की 3 कंपनियां, आईटीबीपी (ITBP) की 1 कंपनी और एसएसबी (SSB) की 2 कंपनियां शामिल हैं।

आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संसद के मॉनसून सत्र को देखते हुए पहले से ही कुछ फोर्सेज तैनात थीं। जिन RAF कंपनियों की तैनाती 20 जुलाई को खत्म होने वाली थी, उन्हें भी अब 27 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा आरएएफ की 7 और नई कंपनियों को भी अब दिल्ली की सुरक्षा में लगाया जा रहा है।

‘संसद चलो’ मार्च ने बढ़ाई टेंशन

दरअसल, सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान काफी उग्र बवाल देखने को मिला था। प्रदर्शनकारियों की संख्या अचानक से इतनी बढ़ गई कि बैरिकेड्स तोड़ने लगे। भीड़ को नियंत्रित करने और संसद भवन की ओर बढ़ने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और कई बार आंसू गैस के गोले भी दागे गए।

हालांकि, इस ड्रामैटिक एक्शन के बावजूद प्रदर्शनकारी डटे रहे और वे जंतर-मंतर पर अपना डेरा जमाए हुए हैं। उग्रता को देखते हुए ही प्रशासन ने अब फोर्स के स्तर को कई गुना बढ़ाने का निर्णय लिया है।

आम जनजीवन पड़ा प्रभावित, 16 मेट्रो स्टेशन बंद

सुरक्षा इंतजामों का सबसे बड़ा असर दिल्ली में रहने वाले आम लोगों और कामगारों पर पड़ रहा है। बुधवार सुबह से ही दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मध्य दिल्ली के 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया है।

DMRC द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान और ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट के अनुसार, जिन स्टेशनों पर गेट बंद किए गए हैं, उनमें लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा भवन (सेवा तीर्थ), जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम शामिल हैं।

हालांकि, यात्रियों को थोड़ी राहत यह दी गई है कि राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय जैसे बड़े स्टेशनों पर ‘इंटरचेंज’ (लाइन बदलने) की सुविधा बरकरार रखी गई है, ताकि लोगों को दूसरे रूटों से अपने गंतव्य तक पहुंचने में ज्यादा परेशानी न हो।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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