Delhi News: दिल्ली के अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान (एबीवीआईएमएस) से संबद्ध डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में स्वच्छता व्यवस्था की पोल खुल गई है। अस्पताल के हॉस्टल मेस में परोसे गए खाने में कॉकरोच और कीड़े मिलने की घटना सामने आई है, जिसे लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों में भारी आक्रोश है।
दाल में मिला जिंदा कॉकरोच
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हॉस्टल मेस में बुधवार को छात्रों को परोसी गई दाल में एक कॉकरोच तैरता हुआ मिला। इसके अलावा सलाद भी खराब हालत में था। हॉस्टल में एमबीबीएस, एमडी और एमएस के छात्र रहते हैं, जो अपनी पढ़ाई और मरीजों की देखभाल के बीच समय निकालकर मेस में खाना खाते हैं। खाने की इस घटिया गुणवत्ता और स्वच्छता की कमी को देखते हुए छात्रों ने मेस प्रबंधन और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई है।
लगातार शिकायतों के बावजूद नहीं सुधरी व्यवस्था
बता दें कि रेजिडेंट डॉक्टर्स ने आरोप लगाया है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। मेस में लंबे समय से साफ-सफाई की स्थिति बदहाल है। उन्होंने कई बार शिकायत की लेकिन प्रबंधन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। खाना बनाने वाली जगहों पर गंदगी फैली हुई है, जो सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
प्रशासन का बयान: सख्त कार्रवाई की चेतावनी
मामला तूल पकड़ते ही अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया है। अस्पताल प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। एक अधिकारी ने बताया कि स्वच्छता मानकों का पालन न करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्वच्छता निरीक्षण अभियान
घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने पूरे परिसर में संचालित सभी मेस और कैंटीनों में विशेष स्वच्छता निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान के तहत यह जांचा जाएगा कि भोजन तैयार करने, उसके भंडारण और परोसने की प्रक्रिया में कहीं कोई कमी तो नहीं छोड़ी गई है। यदि जांच में ठेकेदार या संबंधित कर्मियों की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ अनुबंध संबंधी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टरों की चेतावनी- सुधार नहीं तो होगा आंदोलन
रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा है कि डॉक्टर दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं। ऐसे में उन्हें बुनियादी स्तर पर भी साफ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध नहीं कराया जाना चिंताजनक है। डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि अगर जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो वे इस पूरी व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।बता दें कि देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की मेस में खाने की गुणवत्ता को लेकर यह पहला मामला नहीं है, लेकिन RML जैसे बड़े संस्थान में ऐसी लापरवाही सवाल खड़े करती है।




















