दिल्ली कलयुग की कहानी: सरकारी नौकरी के लालच में बेटे ने पिता-चाचा की निर्मम हत्या

पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार

Delhi News: दिल्ली के द्वारका इलाके से रिश्तों को शर्मसार करने वाला और रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। 50 लाख रुपये के प्रविडेंट फंड (PF) और सरकारी नौकरी के लालच में एक कलयुगी बेटे ने अपने पिता और चाचा की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

PF और नौकरी का था जुनून

जानकारी के अनुसार, मृतक देवेंद्र कुमार (50) ईएसआईसी (ESIC) में कार्यरत थे। कई वर्षों की सेवा के बाद उनके PF खाते में लगभग 50 लाख रुपये जमा हो गए थे। देवेंद्र अक्सर घर पर बातचीत के दौरान यह बात कहते थे कि उनकी मृत्यु के बाद यह बड़ी रकम और अनुकंपा (कम्पाशनेट) के आधार पर सरकारी नौकरी उनके बेटे ईश्वर को मिल जाएगी। पिता की इस आम बात ने ईश्वर के दिमाग में जहर घोल दिया।

ईश्वर जल्द से जल्द अमीर बनना चाहता था और सरकारी नौकरी का सपना देख रहा था। उसे लगा कि जब तक पिता और चाचा (अमित, 48 वर्ष) जिंदा हैं, तब तक वह इन सुविधाओं का लुत्फ नहीं उठा पाएगा। इसी सोच ने उसे खूनी खेल खेलने पर मजबूर कर दिया।

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शराब के नशे में दी खौफनाक वारदात

ईश्वर ने अपनी खौफनाक साजिश को 3 अप्रैल की रात अंजाम दिया। उसने पिता और चाचा के साथ मिलकर शराब पी। नशे में धुत होकर उसने जानबूझकर दोनों से विवाद शुरू कर दिया, जो जल्द ही जानलेवा मारपीट में बदल गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पूरी वारदात की क्रूरता को उजागर करती है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों भाइयों के शरीर पर बाहर से कोई गहरा जख्म या चोट का निशान नहीं था, लेकिन ईश्वर द्वारा की गई अंदरूनी चोटें इतनी गंभीर थीं कि दोनों ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।

भेद खुलने पर मौके से फरार हो गया आरोपी

वारदात को अंजाम देने के बाद ईश्वर उत्तम नगर स्थित फ्लैट से फरार हो गया। अगले दिन जब मकान मालिक और पड़ोसियों को कुछ संदेह हुआ और काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला, तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। दरवाजा तोड़कर अंदर जाने पर एक ही कमरे में देवेंद्र और अमित के शव पड़े मिले।

तकनीकी सर्विलांस से पुलिस ने पकड़ा

द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह और एसीपी संजीव कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने तुरंत जांच शुरू की। आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने ईश्वर को ट्रैक किया और उसे गिरफ्तार कर लिया।

सख्त पूछताछ में आरोपी बेटे ने अपना जुर्म कबूल लिया। उसने साफ-साफ बताया कि पैसों और सरकारी कुर्सी के लालच ने ही उसे इस अमानवीय कदम उठाने पर मजबूर किया। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहराई से पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरी साजिश में कोई और शामिल तो नहीं था।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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