संदिप कुमार गर्ग
नोएडा। डीएवी पब्लिक स्कूल, सेक्टर-56 नोएडा में सामाजिक सरोकारों और मानवता की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस सप्ताह आभार दिवस का आयोजन उत्साह और उमंग के साथ किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने समाज में प्रतिदिन अपनी सेवाएं देने वाले लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया और उन्हें सम्मानित किया।
आभार दिवस के तहत छात्रों ने दुकानदारों, विक्रेताओं, पुलिसकर्मियों, जवानों, रेहड़ी-पटरी वालों और सोसायटी के गार्ड सहित समाज के विभिन्न सहायक लोगों के लिए अपने हाथों से विशेष हैंडबैंड तैयार किए। इंटरैक्ट क्लब और उसके सदस्यों के सहयोग से छात्रों ने इन लोगों तक पहुंचकर उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना व्यक्त की।
आभार दिवस के अंतिम दिन कार्यक्रम को विशेष रूप से स्कूल में ईमानदारी और समर्पण के साथ सेवाएं देने वाले कर्मचारियों के साथ मनाया गया। इनमें लेडी गार्ड, चपरासी, बस ड्राइवर, स्वीपर, गार्डनर और सुरक्षा कर्मी शामिल रहे। छात्रों ने अपने हाथों से बनाए गए हस्तनिर्मित बैंड उन्हें भेंट किए और स्कूल के सुचारु संचालन में उनके योगदान के लिए उनकी सराहना की।
इस पहल के माध्यम से छात्रों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि किसी भी संस्था और समाज को बेहतर ढंग से चलाने में हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। छात्रों ने अपने व्यवहार और गतिविधियों के माध्यम से सेवा करने वाले लोगों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।
कार्यक्रम के दौरान स्कूल की प्रधानाचार्या चित्रा कांत और इंटरैक्ट क्लब हेड कुमारी गीतू सबरवाल ने छात्रों के उत्साह, रचनात्मकता और मेहनत की सराहना की।
प्रधानाचार्या चित्रा कांत ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह जानकर बहुत अच्छा लगता है कि स्कूल के छात्र-छात्राएं मानवता का पाठ केवल स्वयं नहीं सीख रहे, बल्कि अपने कार्यों के माध्यम से दूसरों के सामने भी एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों में संवेदनशीलता, सम्मान, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
DAV नोएडा सेक्टर-56 की इस पहल ने यह संदेश दिया कि समाज में योगदान देने वाला प्रत्येक व्यक्ति सम्मान का हकदार है। छात्रों द्वारा स्वयं तैयार किए गए हैंडबैंड के माध्यम से व्यक्त किया गया आभार कर्मचारियों के लिए भी खुशी का अवसर बना।
स्कूल की ओर से आयोजित यह गतिविधि छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आई।


























