Delhi News: दिल्ली में तकनीक के माध्यम से भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने और शासन प्रशासन में पूर्ण पारदर्शिता लाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण परियोजना का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले समय में पूरी दिल्ली में ‘वॉटर एटीएम’ का व्यापक जाल बिछाया जाएगा, ताकि हर नागरिक तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा सके और ‘नल से जल’ का सपना पूरी तरह साकार हो सके।
तकनीक ही है भ्रष्टाचार मुक्ति की कुंजी
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने साफ किया कि उनकी सरकार का सबसे प्रमुख उद्देश्य तकनीक का लाभ उठाकर व्यवस्था में भ्रष्टाचार को समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि जब तक सेवाएं तकनीक आधारित नहीं होंगी, तब तक मध्यस्वत्वभोगी (मिडिलमैन) खत्म नहीं होंगे। वॉटर एटीएम जैसी पहलें सिर्फ पानी नहीं, बल्कि जल वितरण व्यवस्था में होने वाले भ्रष्टाचार पर भी लगाम कसेंगी।
इंडियन ऑयल के साथ मिलकर किया काम
इस अभिनव परियोजना को साकार करने में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (Indian Oil) की अहम भूमिका रही है। इस उद्घाटन समारोह में इंडियन ऑयल के वरिष्ठ अधिकारीगण भी शामिल हुए। बता दें कि इस परियोजना को आकार देने में इंडियन ऑयल ने तकनीकी और अन्य स्तर पर व्यापक सहयोग प्रदान किया है। सरकारी एजेंसी और अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी (PSU) के बीच इस सहयोग को एक मिसाल माना जा रहा है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने लिया भाग
इस ऐतिहासिक उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की भी उपस्थिति रही। साथ ही, क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों की एक बड़ी संख्या ने इस कार्यक्रम में भाग लेकर इस पहल का स्वागत किया। भीड़ का उत्साह देखते हुए यह स्पष्ट था कि आम जनता इस तरह की विकास परियोजनाओं का बेसब्री से इंतजार कर रही थी।
दिल्ली को बनाया जाएगा वॉटर एटीएम का नेटवर्क
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने जनता को एक बड़ा आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक शुरुआत है। आने वाले समय में हम पूरी दिल्ली में ऐसे वॉटर एटीएम का एक व्यापक जाल बिछाएंगे। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति शुद्ध पानी की कमी से परेशान न हो और ‘नल से जल’ का हमारा सपना पूरी तरह से साकार हो। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस योजना को धरातल पर सही ढंग से लागू किया गया, तो यह न सिर्फ जल संकट को हल करेगी, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी ‘तकनीक से पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन’ का एक रोल मॉडल साबित हो सकती है।























