Buddha Purnima 2026: हिंदू कैलेंडर के अनुसार वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि को बुद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। इस बार यह पर्व आज 1 मई को पड़ रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन बेहद खास है क्योंकि आज ही के दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था, इसी दिन उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और इसी दिन उनका महापरिनिर्वाण भी हुआ था। हिंदू धर्म में भगवान बुद्ध को भगवान विष्णु का 9वां अवतार माना जाता है, ऐसे में यह त्योहार हिंदू और बौद्ध दोनों धर्मों के लिए अत्यंत पवित्र है।
ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, बुद्ध पूर्णिमा के दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करना अनिवार्य माना जाता है। अगर आप इन छोटी-छोटी गलतियों को कर बैठते हैं, तो मां लक्ष्मी नाराज होकर उल्टे पांव घर से लौट सकती हैं। आइए जानते हैं उन 5 गलतियों और कुछ खास नियमों के बारे में…
भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां
1. शाम को तुलसी के पत्ते तोड़ना
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी माता को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन, खासकर शाम के समय तुलसी के पत्ते तोड़ना या पौधे को हाथ लगाना वर्जित माना जाता है। ऐसा करने से पूजा का फल नष्ट होता है और घर की सकारात्मक ऊर्जा नकारात्मक में बदल जाती है।
2. खुले बाल रखकर पूजा करना
पूर्णिमा की पूजा के दौरान महिलाओं को अपने बाल बांधकर ही रखना चाहिए। शास्त्रों में खुले बालों को अशुद्धता और ऊर्जा की अस्थिरता का प्रतीक माना गया है। खुले बालों से ध्यान भंग होता है और पूजा में आने वाले लाभों में कमी आती है।
3. मांसाहार और मदिरा का सेवन
बुद्ध पूर्णिमा करुणा, अहिंसा और सात्विकता का प्रतीक है। इस दिन मांसाहार या शराब का सेवन करना भगवान बुद्ध के उपदेशों के बिल्कुल विरुद्ध है। ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इस दिन केवल सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए।
4. किसी भी जीव को कष्ट देना
भगवान बुद्ध ने अहिंसा को सबसे बड़ा धर्म बताया है। इस दिन चाहे जीव छोटा हो या बड़ा, किसी को भी जान-बूझकर नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है और इससे आपके पुण्य में कमी आती है।
5. गंदे या फटे कपड़े पहनना
यह दिन पवित्रता का प्रतीक है। इस दिन गंदे, फटे या पुराने कपड़े पहनना या खरीदना अशुभ है। इस दिन साफ-सुथरे और हल्के रंग के (या पीले/सफेद) कपड़े पहनना शुभ फल देता है।
बुद्ध पूर्णिमा पर इन चीजों की खरीदारी से भी बचें
पूजा-पाठ और गलतियों के साथ-साथ इस दिन कुछ विशेष चीजों की खरीदारी भी वर्जित मानी गई है:
- लोहे की वस्तुएं: लोहे को शनि ग्रह और कठोरता से जोड़ा जाता है। पवित्र दिन पर लोहे का सामान खरीदने से घर में नकारात्मक ऊर्जा आ सकती है।
- चमड़े से बनी चीजें: चमड़ा मृत पशुओं से प्राप्त होता है, जिसे तामसिक माना जाता है। बुद्ध पूर्णिमा पर इसकी खरीददारी से बचना चाहिए।
- धारदार वस्तुएं (चाकू, कैंची, ब्लेड आदि): धारदार चीजें हिंसा और कटुता का प्रतीक हैं, जो इस दिन की शांति के वातावरण के खिलाफ हैं।
- काले रंग की चीजें: काला रंग ज्योतिष में नकारात्मक ऊर्जा और शनि दोष से जुड़ा माना जाता है। इसलिए आज काले रंग की वस्तुओं की खरीदारी टाल दें।
- नकारात्मक तस्वीरें या मूर्तियां: डरावनी, हिंसात्मक या उदासी वाली कलाकृतियां या मूर्तियां घर के वास्तु और माहौल को बिगाड़ सकती हैं, इसलिए इनसे स्पष्ट दूरी बनाए रखें।

























