विधानसभा घेराव: महिला कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला

Delhi News: दिल्ली विधानसभा के अंदर महिला आरक्षण को लेकर निंदा प्रस्ताव पारित किया जा रहा था, वहीं बाहर महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। तख्तियां और पोस्टर लेकर विधानसभा की ओर बढ़ रहीं प्रदर्शनकारी महिलाओं को पुलिस और सुरक्षा बलों ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।

महिला आरक्षण लागू करने की मांग पर दिल्ली विधानसभा का घेराव

HIGHLIGHTS

  • अलका लांबा के नेतृत्व में महिला आरक्षण के लिए बड़ा प्रदर्शन
  • “महिलाओं को उनका हक दो” — दिल्ली में उठा बुलंद स्वर
  • महिला आरक्षण लागू न होने पर सड़कों पर उतरी कांग्रेस
  • पोस्टकार्ड अभियान से सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी
  • दिल्ली विधानसभा के बाहर महिला शक्ति का प्रदर्शन

Delhi News: नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) को तुरंत लागू करने की मांग को लेकर मंगलवार को अखिल भारतीय महिला कांग्रेस ने दिल्ली विधानसभा का घेराव किया। इस दौरान महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उसे ‘झूठा’ और ‘गुमराह करने वाला’ बताया।

विधानसभा के बाहर जोरदार प्रदर्शन

एक तरफ जहां दिल्ली विधानसभा के अंदर महिला आरक्षण को लेकर निंदा प्रस्ताव पारित किया जा रहा था, वहीं बाहर महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं का हुजूम उमड़ पड़ा। तख्तियां और पोस्टर लेकर विधानसभा की ओर बढ़ रहीं प्रदर्शनकारी महिलाओं को पुलिस और सुरक्षा बलों ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। करीब आधे घंटे तक चले इस जोरदार प्रदर्शन के बाद सभी महिला कार्यकर्ता शांतिपूर्वक वापस लौट गए।

अलका लांबा ने साधा केंद्र पर निशाना

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए अलका लांबा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “महिला आरक्षण कानून पहले ही पास हो चुका है और संविधान में भी शामिल हो चुका है, फिर भी सरकार इसे लागू करने से बच रही है।” उन्होंने स्पष्ट मांग उठाई कि लोकसभा की कुल 543 सीटों में से 29 प्रतिशत यानी लगभग 180 सीटें तुरंत महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएं।

सरकार पर लगाया जनता को गुमराह करने का आरोप

लांबा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार दोहरी नीति अपना रही है। उन्होंने कहा, “सरकार अंदर कुछ और करती है और बाहर कुछ और कहती है। एक तरफ सरकार दावा करती है कि कानून लागू नहीं हो सकता, जबकि दूसरी ओर यह कानून पहले ही अधिसूचित हो चुका है। यह सिर्फ आम जनता के बीच भ्रम पैदा करने की साजिश है।”

10 लाख महिलाओं का ‘पोस्टकार्ड अभियान’

इस घेराव के साथ ही महिला कांग्रेस ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए एक व्यापक अभियान का भी ऐलान किया। अलका लांबा ने बताया कि देशभर की करीब 10 लाख महिलाएं प्रधानमंत्री के नाम पोस्टकार्ड भेज रही हैं। इसके अलावा हस्ताक्षर अभियान और मिस्ड कॉल अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि सरकार की नींद उड़ सके।

जाति जनगणना और परिसीमन का भी रखा जिक्र

अलका लांबा ने जाति जनगणना और परिसीमन के मुद्दे को भी इस आंदोलन से जोड़ा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जाति जनगणना कराई जाएगी और उसके आधार पर परिसीमन (Delimitation) होगा, जिसके बाद महिलाओं को उनका उचित और पूरा प्रतिनिधित्व दिलाया जाएगा।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शन के अंत में अलका लांबा ने सरकार को साफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ शुरुआत है। अगर सरकार ने जल्द महिला आरक्षण लागू नहीं किया, तो महिला कांग्रेस देशभर में सरकार के खिलाफ अभियान तेज करेगी और हर विधानसभा स्तर पर विरोध प्रदर्शन होगा। महिलाओं के अधिकारों की यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक सरकार महिलाओं को उनका हक नहीं देती।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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