मजदूर दिवस पर विवाह उत्सव: गाजियाबाद में 62 जोड़ों के सामूहिक विवाह

कवि नगर स्थित रामलीला मैदान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने शिरकत की। श्रम विभाग ने इस कार्यक्रम की हर छोटी-बड़ी व्यवस्था की। टेंट, पंडाल, लाइटिंग और भव्य सजावट से लेकर बैंड-बाजा तक का पूरा इंतजाम विभाग ने ही किया।

श्रमिकों को बेटियों की शादी के लिए नहीं करना पड़ेगा आर्थिक तंगी का सामना

HIGHLIGHTS

  • अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर 62 कन्याओं ने बांधी डोरी
  • गाजियाबाद में श्रम विभाग ने कराया भव्य सामूहिक विवाह
  • पंडित-मौलवी की मौजूदगी में श्रमिकों की बेटियों की गई बरात
  • मजदूर दिवस पर 62 परिवारों के चेहरों पर आई खुशी
  • यूपी सरकार ने गरीब श्रमिकों की बेटियों की कराई शादी

Ghaziabad News: अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस (May Day) के अवसर पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने श्रमिक वर्ग को एक बड़ा और अनोखा तोहफा दिया है। गाजियाबाद में श्रम विभाग की पहल पर एक भव्य सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां गरीब श्रमिकों की 62 बेटियों का वैवाहिक बंधन में बंधना संपन्न हुआ। इस योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को योगी सरकार की ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई।

यह विवाह उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित ‘कन्या विवाह सहायता योजना’ के तहत कराया गया।

रामलीला मैदान में गूंजी शहनाइयां

कवि नगर स्थित रामलीला मैदान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने शिरकत की। श्रम विभाग ने इस कार्यक्रम की हर छोटी-बड़ी व्यवस्था की। टेंट, पंडाल, लाइटिंग और भव्य सजावट से लेकर बैंड-बाजा तक का पूरा इंतजाम विभाग ने ही किया।

एक-लाख रुपये की मिली आर्थिक मदद

मंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि इस योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को कुल एक लाख रुपये की धनराशि दी गई है। इसमें 85 हजार रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेज दी गई है, जबकि 15 हजार रुपये शादी-शुद्धि के लिए जरूरी सामग्री (जैसे- कपड़े, बर्तन आदि) खरीदने के लिए दिए गए हैं।

सभी धर्मों के अनुसार हुए विवाह

इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि इसमें धर्म-निरपेक्षता का पूरा ध्यान रखा गया। विभिन्न धर्मों के रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न कराने के लिए विभाग द्वारा मौलवी और पंडितों की विशेष व्यवस्था की गई थी।

200 के थे प्रस्ताव, 62 ने बांधी डोरी

श्रम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम के लिए शुरुआत में कुल 200 जोड़ों के विवाह प्रस्तावित थे। हालांकि, प्रक्रिया पूरी करने के बाद केवल 100 आवेदन ही प्राप्त हुए। जांच-पड़ताल के बाद 62 आवेदनों को पूरी तरह सही और योग्य पाया गया। इन 62 जोड़ों में गाजियाबाद के अलावा हापुड़ और बुलंदशहर जिलों के श्रमिक परिवार शामिल हुए।

‘बेटी का हाथ पीला करना हुआ आसान’

आर्थिक तंगी के कारण बेटियों की शादी को एक बड़ा बोझ मानने वाले श्रमिक परिवारों के चेहरों पर इस कार्यक्रम ने खुशी ला दी। विवाह मंडप में अपनी बेटियों के साथ पहुंचे श्रमिकों ने योगी सरकार और श्रम विभाग की जमकर प्रशंसा की। एक श्रमिक ने भावुक अंदाज में बताया, *”गरीब मजदूर के लिए बेटी के हाथ पीले करना मुश्किल होता है, लेकिन सरकार की इस मदद ने हमारी यह चिंता पूरी तरह दूर कर दी है।”*

मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही है, ताकि किसी भी गरीब परिवार को बेटी की शादी के लिए किसी प्रकार की आर्थिक समस्या का सामना न करना पड़े।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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