क्रिकेट के मक्का माने जाने वाले लंदन के ऐतिहासिक ‘लॉर्ड्स’ मैदान पर जब भारत और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने होती हैं, तो उत्साह अपने चरम पर होता है। तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी और निर्णायक मुकाबला इसी मैदान पर खेला गया, जिसमें भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने अपने बल्ले का जलवा दिखाया। हालांकि उनकी शानदार अर्धशतकीय पारी टीम को जीत नहीं दिला सकी, लेकिन क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में उन्होंने एक नया अध्याय जरूर जोड़ दिया।
388 रनों के विशाल लक्ष्य और कोहली का संघर्ष
बता दें कि इस रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय गेंदबाजों के सामने 388 रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया था। आधुनिक क्रिकेट में ऐसा लक्ष्य हासिल करना कभी-कभी आसान हो जाता है, लेकिन लॉर्ड्स की पिच पर चौथे पहर की गेंदबाजी हमेशा चुनौतीपूर्ण होती है। भारतीय टीम इस लक्ष्य का पीछा करते हुए 27 रन पीछे रह गई और सीरीज अपने नाम करने में नाकाम रही।

हालांकि, इस हार के बीच विराट कोहली की बल्लेबाजी एक किरण की तरह थी। शुरुआत में कोहली को पिच पर थोड़ा संघर्ष करना पड़ा। गेंद बल्ले पर ठीक से नहीं आ रही थी और एज पर खेलने की कोशिशें नाकाम हो रही थीं। लेकिन कोहली जैसे महान बल्लेबाज को फॉर्म में आने में ज्यादा समय नहीं लगता। उन्होंने अपनी नापाक गेंदबाजी को देखते हुए धीरज बनाए रखा और 60 गेंदों का सामना कर एक शानदार 74 रनों की पारी खेली। उनकी इस पारी में आक्रामकता और संयम का बेहतरीन संगम देखने को मिला।
युवराज सिंह को पीछे छोड़ा, धोनी के रिकॉर्ड से रहे बस 5 रन दूर
विराट कोहली की इस 74 रनों की पारी ने उन्हें एक बड़ी उपलब्धि दिला दी। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में उन्होंने पूर्व भारतीय दिग्गज युवराज सिंह को पीछे छोड़ दिया। युवराज सिंह ने इंग्लैंड के खिलाफ 36 पारियों में 1523 रन बनाए थे, जिसे कोहली ने पार कर लिया।
लेकिन इसी मैच में एक और रिकॉर्ड उनके हाथ से बस एक पल के लिए निकल गया। भारत के लिए इंग्लैंड के खिलाफ सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने का रिकॉर्ड अभी भी ‘कैप्टन कूल’ एमएस धोनी के नाम दर्ज है। धोनी ने अपने दौर में 44 मैचों की 44 पारियों में 1546 रन बनाए थे। विराट कोहली इस मैच के बाद 41 पारियों में 1541 रन पर पहुंच गए हैं।
यानी कि धोनी का रिकॉर्ड तोड़ने से विराट महज 5 रन ही चूक गए। यदि वह इस मैच में 79 रन बना पाते, तो यह रिकॉर्ड उनके नाम होता। फिलहाल, धोनी इस मामले में ‘किंग’ बने हुए हैं। वहीं, कोहली ने इससे पहले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के आंकड़े (1455 रन, 37 पारियां) को भी पीछे छोड़ चुके हैं।
लॉर्ड्स पर शतक जड़ने वाले रोहित शर्मा टॉप-5 से बाहर
जब भी इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की बात होती है, तो एक नाम चौंकाने वाला है – रोहित शर्मा। लॉर्ड्स मैदान पर भारत के लिए पहला वनडे शतक जड़ने का गौरव रोहित शर्मा को ही प्राप्त है, लेकिन फिर भी वे इस एलीट लिस्ट में टॉप-5 में जगह नहीं बना पाए हैं।
इस सूची में पांचवें नंबर पर पूर्व बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज सुरेश रैना मौजूद हैं। रैना ने मात्र 32 पारियों में 1207 रन बनाकर इंग्लैंड के खिलाफ अपनी ताकत का लोहा मनवाया था। इसके बाद छठे स्थान पर रोहित शर्मा हैं, जिन्होंने 26 पारियों में 1021 रन बनाए हैं। हालांकि, रोहित शर्मा इंग्लैंड के खिलाफ 1000 से ज्यादा वनडे रन बनाने वाले भारत के सातवें बल्लेबाज बन गए हैं, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
पहला प्रोफेशनल मुकाबला
अगर हम विराट कोहली के हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें, तो यह मैच उनके लिए काफी खास था। आईपीएल 2026 (IPL 2026) के बाद यह उनका पहला प्रोफेशनल क्रिकेट मैच था। आईपीएल के फाइनल मुकाबले में विराट कोहली ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए महज 42 गेंदों में नाबाद 75 रनों की पारी खेली थी।
उसी फॉर्म को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने इस इंग्लैंड सीरीज में भी अच्छी बल्लेबाजी की। सीरीज के पहले मैच में, जिसे भारत ने जीता था, विराट का बल्ला ज्यादा नहीं चला और वह महज 5 गेंदों पर 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे। लेकिन दूसरे वनडे में उन्होंने 66 गेंदों में 65 रनों की शानदार पारी खेली। लगातार दो मैचों में अर्धशतक लगाकर उन्होंने साबित कर दिया कि उनकी बल्लेबाजी में कोई कमी नहीं आई है और वह अभी भी टीम इंडिया के मध्यक्रम की रीढ़ की हड्डी हैं।


























