Uttam Nagar Holi Incident News: दिल्ली की द्वारका कोर्ट ने उत्तम नगर में होली के दौरान हुए सनसनीखेज हत्याकांड में एक अहम आदेश पारित किया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एडिशनल सेशंस जज) शिवाली बंसल ने पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट की प्रति शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। साथ ही, अगली सुनवाई के लिए 14 मई की तारीख तय की गई है, जिस पर चार्जशीट के दस्तावेजों की स्क्रूटनी (scrutiny) की जाएगी।
आरोपियों की फिजिकल पेशी पर सस्पेंस
आज हुई सुनवाई के दौरान मामले के सभी 17 आरोपी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अलग-अलग कोर्ट से पेश हुए। सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से पेश वकीलों ने अगली तिथि पर अपने मुवक्किलों को कोर्ट में फिजिकली (व्यक्तिगत रूप से) पेश करने की मांग की। वकीलों का कहना था कि आरोपियों की उपस्थिति में कोर्ट की कार्यवाही होनी चाहिए।
इस मांग पर विचार करते हुए कोर्ट ने संबंधित जेल प्रशासन को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने जेल प्रशासन से कहा है कि वह दो दिन के भीतर कानून-व्यवस्था और कैदियों की सुरक्षा का आकलन कर बताए कि क्या इन आरोपियों को कोर्ट में फिजिकल पेश किया जा सकता है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 4 मार्च को होली के दौरान उत्तम नगर में सामने आया था। 26 वर्षीय युवक तरुण भुटौलिया की हत्या कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार, घटना का कारण एक छोटी सी बात थी। तरुण के परिवार की एक नाबालिग लड़की ने 4 मार्च को एक महिला पर पानी भरा बैलून फेंका था। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस हो गई और स्थिति बेकाबू हो गई। बाद में महिला के रिश्तेदारों ने तरुण पर डंडों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और अगले दिन उसकी मौत हो गई।
500 पन्नों की चार्जशीट और 17 आरोपी
दिल्ली पुलिस ने 6 मई को इस मामले में करीब 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। पुलिस ने 17 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनके नाम इस प्रकार हैं- उमरद्दीन, कमरुद्दीन, जुम्माद्दीन, मुश्ताक, ताहिर, मुजफ्फर ऊर्फ मौजी, सलमा, शरीफन, सायरा बानो ऊर्फ काली, साहिल, समीर चौहान, शकील, मोहम्मद इस्माइल, इमामुद्दीन ऊर्फ लाला खान, अमीन, इमरान, रेहान और इमरान ऊर्फ बंटी। चार्जशीट में इन पर हत्या, गैरकानूनी भीड़ का हिस्सा होना, दंगा करना, अनाधिकृत रूप से प्रवेश करना और एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं।
सांप्रदायिक रंग और पुलिस की सफाई
आरोपी मुस्लिम समुदाय से होने की वजह से इस मामले को शुरू में सांप्रदायिक रंग दिया गया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि दोनों परिवारों के बीच पहले से कोई दुश्मनी नहीं थी। पुलिस ने अब तक इस मामले में करीब 50 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इससे पहले दिल्ली नगर निगम (MCD) ने भी मामले के एक आरोपी की कथित रूप से अनाधिकृत संपत्ति को ध्वस्त कर दिया था।






















