Share Market : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी और ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच आज भारतीय शेयर बाजार (Share Market) ने जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखा। शुरुआती कारोबार में तेजी (ग्रीन ओपनिंग) के बाद मात्र कुछ ही मिनटों में बाजार में बिकवाली का दबाव इतना बढ़ गया कि सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान (गिरावट) में आ गए।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
कारोबार के शुरुआती दौर में ही बिकवाली का असर दिखने लगा। बीएसई (BSE) का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 377 अंकों की भारी गिरावट के साथ 72,942 के स्तर पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का 50 शेयरों वाला बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 भी 66 अंक नीचे गिरकर 22,642 के लेवल पर ट्रेड करता देखा गया।
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दरअसल, बाजार के लिए यह गिरावट अचानक नहीं आई थी। सुबह से ही GIFT NIFTY में 75 अंक से ज्यादा की कमजोरी ने बाजार के निराशावादी रुख का संकेत दे दिया था।
ट्रंप की चेतावनी और कच्चे तेल में आग
बाजार को सबसे बड़ा झटका पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से लगा। रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर मंगलवार तक ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर—जिसमें बिजली संयंत्र और पुल शामिल हैं—पर हमला करेगा।
अमेरिका-ईरान-इजरायल के बीच युद्ध के खतरे को देखते हुए ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आसमान छू गया। ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया, जबकि WTI क्रूड की कीमतें 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। भारत जैसे तेल आयातक देशों के लिए यह खबर सबसे ज्यादा नुकसानदेह साबित हुई।
विदेशी निवेशकों ने बढ़ाई मुश्किलें
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ग्लोबल अनिश्चितता के चलते विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भी भारतीय शेयर बाजार में अपना पैसा निकालना (बिकवाली) शुरू कर दिया, जिससे बाजार का माहौल पहले से ही कमजोर हो चुका था।
ग्लोबल मार्केट्स का मिश्रित रुख
वहीं, दूसरी ओर एशियाई बाजारों का रुख मिश्रित रहा। जापान का निक्केई इंडेक्स (Nikkei Index) आज 1 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ बंद हुआ। हालांकि, कई बड़े एशियाई बाजार छुट्टियों के कारण बंद रहे। चीन का शंघाई स्टॉक एक्सचेंज ‘किंगमिंग फेस्टिवल’ के चलते बंद था। ताइवान का TWSE (चिल्ड्रन/टॉम्ब-स्वीपिंग डे) और हांगकांग का हैंग सेंग (ईस्टर छुट्टी) के कारण आज कारोबार के लिए बंद रहा।
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कच्चे तेल की रिकॉर्डतोड़ बढ़त का असर सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के विकल्पों पर भी पड़ा। एशियाई कारोबार में कॉमेक्स (COMEX) पर सोने की कीमत में लगभग 0.50 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 4,655 डॉलर प्रति औंस के भाव पर आ गया। चांदी में भी 1 प्रतिशत की तेज गिरावट आई, जिसके बाद इसका भाव 72 डॉलर प्रति औंस रह गया।



























