कच्चे तेल की आग ने पेट्रोल-डीजल को बनाया ‘सिगरेट’!

पेट्रोल-डीजल महंगा होने के पीछे वैश्विक राजनीति का बड़ा हाथ है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और शांति वार्ता अटक जाने की वजह से वैश्विक तेल बाज़ार में अफरा-तफरी मची हुई है। कच्चे तेल की कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं।

आपकी जेब पर भारी झटका! पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के संकेत, 4 साल की शांति टूटने को तैयार

HIGHLIGHTS

  • पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने को तैयार
  • आम आदमी की जेब पर भारी झटका!
  • लीटर पर 100 रुपये का घाटा!
  • अमेरिका-ईरान तनाव का भारी खामियाजा
  • भारत में जल्द महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल

Petrol-Diesel Price: महंगाई का एक और बड़ा बम फूटने वाला है। पिछले चार सालों से आपके बजट को राहत देने वाले पेट्रोल और डीजल के दाम अब बढ़ने के मूड में हैं। सरकारी सूत्रों से मिले संकेतों ने बाजार में हड़कंप मचा दिया है। निकट भविष्य में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता है।

ये हैं इस बड़ी खबर के मुख्य अंश:

  • कच्चे तेल का 4 साल का उच्चतम स्तर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 126 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।
  • तेल कंपनियों का भारी घाटा: पेट्रोल पर 20 रुपए और डीजल पर 100 रुपए प्रति लीटर का नुकसान।
  • कमर्शियल गैस पहले ही महंगी: 1 मई से कमर्शियल LPG और इंडस्ट्रियल डीजल के दाम बढ़ाए जा चुके हैं।
  • अमेरिका-ईरान तनाव: वैश्विक तनाव की वजह से ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर दुनिया की नजरें।

अमेरिका-ईरान की जंग ने बढ़ाई मुश्किलें

दरअसल, पेट्रोल-डीजल महंगा होने के पीछे वैश्विक राजनीति का बड़ा हाथ है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और शांति वार्ता अटक जाने की वजह से वैश्विक तेल बाज़ार में अफरा-तफरी मची हुई है। कच्चे तेल की कीमतें लगातार आसमान छू रही हैं और अब यह 126 डॉलर प्रति बैरल के चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। पूरी दुनिया की नजरें तेल परिवहन के अहम रास्ते ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर टिकी हुई हैं।

तेल कंपनियों का घाटा बर्दाश्त से बाहर

भारत में कीमतें बढ़ने का सबसे बड़ा कारण सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) का बढ़ता हुआ घाटा है। तेल मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले चार सालों तक खुदरा कीमतें स्थिर रखने का नतीजा अब सामने आ रहा है। कंपनियों को पेट्रोल बेचने पर करीब 20 रुपए और डीजल बेचने पर लगभग 100 रुपये प्रति लीटर का भारी नुकसान हो रहा है। पिछले साल जहां कच्चा तेल 70 डॉलर के आसपास था, अब उसका औसत 114 डॉलर के पार निकल गया है।

सरकार ने सुनाई थी नींद, अब जागने का वक्त

इससे पहले जब खबरें आई थीं कि देश में तेल की कीमतों में 25 से 28 रुपये प्रति लीटर तक का उछाल आ सकता है, तो सरकार ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया था। हाल ही में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने भी एक बयान जारी कर कहा था कि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा लागत में भारी बढ़ोतरी के बावजूद पेट्रोल, डीज़ल और घरेलू LPG की दरों में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। लेकिन अब लगातार बढ़ते घाटे ने कंपनियों और सरकार दोनों की नींद उड़ा दी है।

कमर्शियल LPG ने पहले ही दिखाई हरी झंडी

आज 1 मई को तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर, इंडस्ट्रियल डीजल और जेट फ्यूल (विमान ईंधन) के दाम बढ़ा दिए हैं। माना जा रहा है कि यह कदम आम आदमी के पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का ‘ट्रेलर’ है।

फिलहाल दिल्ली में ये हैं तेल के दाम:

  • पेट्रोल: 94.77 रुपए प्रति लीटर
  • डीजल: 87.67 रुपए प्रति लीटर

अगर सरकारी सूत्रों के ये संकेत सच साबित होते हैं, तो आने वाले दिनों में आम आदमी की सुबह शायद पंप पर पहुंचकर और महंगी हो जाएगी। आपको सलाह दी जाती है कि अपना मासिक बजट तैयार करते वक्त इस आगामी महंगाई को ध्यान में रख लें।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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