Delhi News: दिल्ली के सबसे व्यस्त और सुरक्षित माने जाने वाले इलाके कनॉट प्लेस से एक दिलदहला देने वाली घटना सामने आई है। दिल्ली हाईकोर्ट में तैनात 26 वर्षीय युवा वकील ने शुक्रवार देर रात एक लक्जरी होटल की 15वीं मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि यह आत्महत्या है या किसी अन्य वजह है।
कैसे घटी घटना?
मामला होटल ‘द रॉयल प्लाजा’ का है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक राजेश सिंह (26) ने 18 अप्रैल की शाम करीब 6:30 बजे होटल में चेक-इन किया था। अगले दिन यानी 19 अप्रैल को रात करीब 9:15 बजे होटल प्रबंधन और आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि एक शख्स ने बिल्डिंग से छलांग लगा दी है।
सूचना मिलते ही थाना कनॉट प्लेस के एसएचओ मौके पर लोकल पुलिस बल के साथ पहुंचे। गंभीर रूप से घायल युवा वकील को तुरंत लेडी हार्डिंज मेडिकल कॉलेज (LHMC) भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उपचार शुरू करने से पहले ही उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर क्राइम टीम और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को बुलाया गया। टीमों ने होटल की 15वीं मंजिल से लेकर नीचे तक साक्ष्य इकट्ठे किए। पुलिस ने होटल परिसर में लगे सभी CCTV फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और उनकी बारीकी से जांच की जा रही है।
परिजनों ने नकारा हत्या का शक
राजेश सिंह दिल्ली के महावीर एन्क्लेव के रहने वाले थे। घटना की सूचना मिलते ही उनके परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। शुरुआती बयानों में परिजनों ने किसी भी तरह की साजिश या संदिग्ध परिस्थिति से इनकार किया है। हालांकि, पुलिस किसी भी एंगल को खारिज नहीं कर रही है।
वहीं, शव को पोस्टमार्टम के लिए एलएचएमसी की मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि युवा वकील ने खुद को नीचे गिराया या उसे धकेला गया। मामले में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
सवालों के घेरे में युवा वकील का इरादा
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर राजेश सिंह अकेले होटल में क्यों गए थे? उन्हें किसी तरह की मानसिक तनाव था या फिर प्रोफेशनल लाइफ में कोई दबाव था? पुलिस अभी राजेश के मोबाइल फोन और लैपटॉप की डिटेल्स खंगाल रही है, ताकि उनकी आखिरी लोकेशन और लोगों से हुई आखिरी बातचीत का पता लगाया जा सके।

























