आलिया भट्ट पर सद्गुरु की टिप्पणी से फिर भड़की नेपोटिज्म बहस

वायरल हो रहे वीडियो में सद्गुरु आलिया भट्ट से सीधे तौर पर बात करते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं आपको इंसल्ट (अपमानित) करना नहीं चाहता। आप बहुत अच्छी एक्ट्रेस हैं, लेकिन चेन्नई शहर में ही आपके जैसे हजारों आलिया भट्ट हो सकती हैं।

सद्गुरु का बयान या सोशल मीडिया का ओवररिएक्शन?

HIGHLIGHTS

  • सोशल मीडिया पर छाया सद्गुरु का ‘रोस्ट’, आलिया भट्ट ट्रेंड में
  • “हजारों आलिया हो सकती हैं”—क्या सच में टैलेंट से ज्यादा मायने रखता है सपोर्ट?
  • बॉलीवुड में फिर उठा परिवारवाद का मुद्दा, वजह बने सद्गुरु
  • क्या आलिया भट्ट की सफलता में कनेक्शन्स का हाथ? सद्गुरु का बड़ा बयान
  • सद्गुरु के कमेंट से गरमाया X, यूजर्स ने कहा ‘एपिक रोस्ट’
  • नेपोटिज्म पर छिड़ी नई बहस, करण जौहर भी आए निशाने पर

Alia Bhatt – Sadhguru Commentary: बॉलीवुड में नेपोटिज्म (परिवारवाद) का मुद्दा कभी पुराना नहीं होता, लेकिन हाल ही में इस पर एक बार फिर तूफान खड़ा हो गया है। इस बार चर्चा का केंद्र स्पिरिचुअल गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव और बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट के बीच की एक बातचीत है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर इस बातचीत का एक वीडियो क्लिप तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर नेटिजन्स की प्रतिक्रियाओं का बाजार गर्म है।

सद्गुरु ने क्या कहा?

वायरल हो रहे वीडियो में सद्गुरु आलिया भट्ट से सीधे तौर पर बात करते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं आपको इंसल्ट (अपमानित) करना नहीं चाहता। आप बहुत अच्छी एक्ट्रेस हैं, लेकिन चेन्नई शहर में ही आपके जैसे हजारों आलिया भट्ट हो सकती हैं। आपको शुरुआत से ही आपके आस-पास वाले लोगों से सपोर्ट मिला, मेंटरशिप मिली। इसी वजह से आप इस मुकाम तक पहुंची हैं। कई टैलेंटेड लोग सही सपोर्ट ना मिलने की वजह से अपने पोटेंशियल को एक्सप्लोर नहीं कर पाते।”

यह क्लिप आलिया भट्ट के साथ किसी इंटरव्यू का हिस्सा बताई जा रही है, जहां सद्गुरु ‘टैलेंट वर्सेज नर्चरिंग’ (प्रतिभा बनाम तालीम/सहयोग) की अहमियत पर बात कर रहे थे। उन्होंने साफ तौर पर संकेत दिया कि आलिया की सफलता सिर्फ उनकी प्रतिभा का नतीजा नहीं है, बल्कि इसके पीछे सिस्टम और कनेक्शन्स का बड़ा हाथ है।

सोशल मीडिया पर ‘एपिक रोस्ट’ कहा गया

वीडियो सामने आने के बाद से यूजर्स लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोगों ने इसे ‘एपिक रोस्ट’ और ‘लाइव बर्न’ करार दिया। एक यूजर ने लिखा, “साधगुरु ने तो आलिया को रोस्ट ही कर दिया। यहां तक कि एक स्पिरिचुअल लीडर भी बॉलीवुड के नेपोटिज्म से वाकिफ हैं।” वहीं, एक अन्य यूजर ने फिल्ममेकर करण जौहर (KJo) का नाम लेते हुए लिखा, “आलिया अच्छी एक्ट्रेस हैं, लेकिन KJo की वजह से ही उन्हें इतना सपोर्ट मिला।”

साउथ इंडस्ट्री से तुलना पर भी बहस

कुछ यूजर्स ने इस मुद्दे पर साउथ फिल्म इंडस्ट्री से तुलना करते हुए बॉलीवुड को आड़े हाथों लिया। एक यूजर ने कमेंट किया, “नेपोटिज्म हर जगह है, लेकिन बॉलीवुड में यह ज्यादा ‘गंदे’ तरीके से काम करता है क्योंकि यहां दूसरे एक्टर्स की फिल्में ‘छीनी’ जाती हैं। अल्लू अर्जुन, राम चरण और प्रभास के परिवार भी फिल्मी हैं, लेकिन वे दूसरों की फिल्में नहीं छीनते।”

समर्थन में भी आए लोग

हालांकि, सद्गुरु के बयान का बचाव करने वालों की भी कमी नहीं है। उनका मानना है कि इस वीडियो क्लिप को गलत एंगल में पेश किया जा रहा है। एक यूजर ने लिखा, “यह कोई इंसल्ट नहीं है, बल्कि नर्चर और टैलेंट पर एक गहरा पॉइंट था। पूरा इंटरव्यू देखिए और रेफरेंस समझिए।”

फिलहाल, सद्गुरु और आलिया का यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है और बॉलीवुड में बाहरी टैलेंट को मिलने वाले मौकों को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छिड़ गई है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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